UP: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अस्पताल में छापा मारा, बिना प्रोटोकॉल के पैदल पहुंचे, देखें Video

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बिना सूचना बलरामपुर अस्पताल पहुंच गए. इस दौरान अस्पताल में मौजूद मरीजों और तीमारदारों से मिलकर पाठक ने उनका हाल-चाल लिया. अचानक डिप्टी सीएम को देख डॉक्टरों में हड़कंप मच गया. अस्पताल में गंदगी मिलने पर उन्होंने फटकार लगाई. इस दौरान उन्होंने पंजीकरण कक्ष से लेकर इमरजेंसी तक निरीक्षण किया. 

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यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक. यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक.

aajtak.in

  • बलरामपुर ,
  • 31 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 5:23 PM IST

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बलरामपुर अस्पताल में छापेमारी की. वह बिना सूचना और बिना किसी प्रोटोकॉल के बलरामपुर अस्पताल पहुंच गए. इस दौरान अस्पताल में मौजूद मरीजों और तीमारदारों से मिलकर पाठक ने उनका हाल-चाल लिया.

अचानक डिप्टी सीएम को देख डॉक्टरों में हड़कंप मच गया. अस्पताल में गंदगी मिलने पर उन्होंने फटकार लगाई. इस दौरान उन्होंने पंजीकरण कक्ष से लेकर इमरजेंसी तक निरीक्षण किया. 

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देखें कैसे बिना प्रोटोकॉल पैदल पहुंचे अस्पताल...

इससे पहले बांदा अस्पताल का किया था औचक निरीक्षण  

बताते चलें कि डिप्टी CM ब्रजेश पाठक लगातार अस्पतालों का औचक निरीक्षण करते रहते हैं. इससे पहले वह मंगलवार 28 मार्च को बांदा के दौरे पर थे. यहां उन्होंने बांदा जिला अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ ही मरीजों का हालचाल जाना था.  

देखिए बलरामपुर अस्पताल का कैसे किया निरीक्षण... 

बांदा अस्पताल में डॉक्टर ने बाहर से दवा लाने का लिखा था पर्चा  

साथ ही कुछ कमियों को दुरुस्त करने के आदेश विभाग को दिए थे. मगर, विभागीय अफसरों के साथ डॉक्टरों ने उनके दिए गए आदेशों की धज्जियां उड़ा दीं। उनका आदेश बांदा जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने 24 घंटे भी नहीं माना। मंगलवार की रात में ड्यूटी में तैनात डॉक्टर ने मरीज को इलाज करने से पहले 500 रुपये की दवाइयां बाहर से लाने के लिए लिख दीं। इसके बाद भर्ती करके उसका इलाज किया। 

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मामले को बढ़ता देख जांच के लिए सीएमएस ने दिए आदेश  

फिलहाल मामला बढ़ता देख CMS ने जांच के आदेश दिए हैं. उनका कहना है ड्यूटी में तैनात डॉक्टर ने बाहर की दवाइयां लिखी है, जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इन्होंने अस्पताल की छवि खराब की है, कठोर कार्रवाई की जाएगी. यदि फिर भी नहीं मानते हैं, तो इनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी. 

बीते दिनों भी आजतक ने बाहर से दवाइयां लिखने के मामले को प्रमुखता से छापा था, जिस पर डिप्टी CM ने संज्ञान लेकर डॉक्टर की 2 दिनों की सैलरी काटने के साथ जांच के आदेश दिए थे. 

(इनपुट- आशीष)

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