'क्या तुम्हारे पिताजी के पैसे से मकान बन रहा है', देवरिया में BJP विधायक शलभ मणि की फटकार पर अधिकारी ने दी सफाई, देखें Video

देवरिया सदर से BJP विधायक शलभ मणि त्रिपाठी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक अधिकारी को हड़काते हुए दिखाई दे रहे हैं. अब इस मामले में अधिकारी की सफाई आई है.

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BJP विधायक शलभ मणि त्रिपाठी BJP विधायक शलभ मणि त्रिपाठी

राम प्रताप सिंह

  • देवरिया,
  • 10 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:58 PM IST

यूपी के देवरिया सदर से BJP विधायक शलभ मणि त्रिपाठी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह एक अधिकारी को हड़काते हुए दिखाई दे रहे हैं. आरोप है कि ADO (ISB) ने पात्र व्यक्ति का प्रधानमंत्री आवास लिस्ट से नाम काट दिया था. जब इसकी शिकायत शलभ मणि को मिली तो वे अधिकारी पर फायर हो गए. वीडियो पिछले महीने का है. अब इस मामले में ADO उमेश कुमार का बयान सामने आया है. उनका कहना है कि वायरल वीडियो के बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है, हां कुछ समय पहले विधायक जी का फोन आया था. 

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दरअसल, एक दलित व्यक्ति का प्रधानमंत्री आवास की सूची से नाम काटने के आरोपों और बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी द्वारा हड़काने के मामले में जब बैतालपुर ब्लॉक के ADO उमेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि विधायक जी का फोन आया था. मगर वायरल वीडियो के बारे में वह नहीं जानते.

ADO ने कहा- सिरजम देई निवासी रामहित प्रसाद के यहां इस मामले में वह चार महीने पहले जांच के लिए गए थे, तब सेक्रेटरी अपराजिता यादव व अन्य लोगों द्वारा बताया गया कि रामहित संयुक्त रुप से अपने लड़कों के साथ पक्के मकान में रहते हैं. लेकिन चार महीने के बाद रामहित द्वारा व अन्य ग्रामीण द्वारा बताया गया कि वे बच्चों से अलग छप्पर के घर में रहते हैं. जिसके बाद जानकारी होने पर 9 दिसंबर को पीएम आवास के लिए संस्तुति कर दी गई. 

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वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे BJP विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ADO उमेश कुमार को फोन पर डांटते हुए नजर आ रहे हैं. वह अधिकारी को कह रहे हैं कि विधायक फोन ना करे तो तुम मकान नहीं दोगे. एक पात्र व्यक्ति को मकान नहीं दोगे. माल तुम्हारे तक नहीं पहुंचा और तुमको सिफारशी फोन नहीं आया, तो काम नहीं करोगे. लिस्ट से नाम काट दोगे. शर्म नहीं आती क्या तुम लोगों को?

विधायक जी यही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि एक गरीब आदमी का मकान छीन लेते हो. अब मकान देकर मुझे बताना कि चाबी दिए हो कि नहीं. सुधर जाओ नहीं तो... यह सब मत किया करो. क्या तुम लोगों के पास इतनी ताकत है कि कलम में की एक साइन मारोगे और किसी का मकान छीन लोगे. मकान दे रहे हैं मोदी जी और योगी जी और तुमको लगता है तुम्हारे पिताजी के पैसे से मकान बन रहा है. 

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