सरकारी राशन डीलरों तक न पहुंचाकर दिल्ली में बेचा, ऐसे हुआ गड़बड़ी का खुलासा

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में खद्यान वितरण करने वाले निरीक्षक और परिवहन ठेकेदार की मिली भगत से गरीबों को मिलने वाला गेहूं डीलरों को नहीं दिया गया. सरकारी अनाज डीलरों को न देकर दिल्ली ले जाकर बेच दिया गया. इसके बदले में काफी समय बाद डीलरों को पैसा दिया गया, कि बाजार से आनाज खरीदकर लोगों को राशन बांट दिया जाए. डीएम के आदेश के बाद जांच में यह अनियमितता सामने आई.

Advertisement
बुलंदशहर का एफसीआई गोदाम बुलंदशहर का एफसीआई गोदाम

मुकुल शर्मा

  • बुलंदशहर,
  • 27 मई 2024,
  • अपडेटेड 8:32 PM IST

बुलंदशहर में गरीबों के राशन की कालाबाजारी का घोटाला सामने आया है. इसमें सरकारी अधिकारियों और परिवहन ठेकेदार ने मिलकर गड़बड़ी की है. डीलरों को देने वाला अनाज दिल्ली ले जाकर बेच दिया. बाद में इसके बदले डीलरों को पैसा दे दिया गया और बाजार से अनाज खरीद लेने को कहा गया. डीएम के आदेश पर जांच के बाद विभाग के मार्केटिंग इंस्पेक्टर और खाद्य विभाग में परिवहन के ठेकेदार समेत 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है.

Advertisement

बताया जाता है कि एफसीआई का गोदाम, जहां पर राशन का गेहूं रखा जाता है और यहीं से राशन की दुकानों पर खाद्यान्न वितरित होता है. अप्रैल माह में सामने आया था कि विभाग की मिली भगत से 3000 क्विंटल राशन विक्रेताओं को नहीं मिला. डीएम ने एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया. टीम ने जिले के सभी 16 ब्लॉकों में जांच की. 

तीन महीनें के राशन में गड़बड़ी
जांच में फरवरी, मार्च और अप्रैल के राशन की आवाजाही को चेक किया गया. संबंधित राशन डीलरों के भी बयान लिए गये. इसमें पता चला कि ब्लैक मार्केटिंग करने वाले लोगों ने फर्जी हस्ताक्षर कर राशन विक्रेताओं की डिलीवरी दिखा दी. राशन डीलर तक माल ही नहीं पहुंचा. कुछ राशन डीलरों ने सदर एसडीएम से शिकायत की, तब मामला खुलता चला गया.

Advertisement

पुराने बोरों में दिया माल
बताया जा रहा है कि राशन डीलरों को डराया गया और उन्हें पुराने बोरों में माल तक दिया. जांच में पता चला है कि जो राशन डीलर गोदाम से ज्यादा दूरी पर हैं. उनको राशन पहुंचाने में कम समय लगाया. जबकि जो नजदीक के राशन डीलर थे. उनको 40 दिन तक का समय राशन पहुंचने में लगा. परिवहन ठेकेदार और खाद्यान्न निरीक्षक सब मामले में चुप रहे.

बताया जा रहा है कि परिवहन ठेकेदार, एक राशन डीलर, लेबर ठेकेदार, दो ट्रैक्टर चालक व एक प्राइवेट कर्मचारी को एफआईआर में नामजद कर 409, 420, 120 बी, 201 व आवश्यक वस्तु नियम की धारा 3 व 7 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच और विभागीय कार्रवाई की जा रही है. 

डीएम ने कराई मामले की जांच
बुलंदशह के डीएम सीपी सिंह ने बताया कि जनपद के 16 ब्लॉकों में से 15 ब्लॉकों में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई, जबकि बुलंदशहर सदर ब्लॉक में गड़बड़ घोटाला पाया गया. गेहूं खाद्यान्न महीने की शुरुआत में ही राशन डीलर के पास पहुंच जाना चाहिए था, लेकिन नहीं पहुंचा, बाद में पहुंचाया गया. एफसीआई से खाद्यान्न कहां गया, कहां पहुंचा कहां डायवर्ट रहा. इसकी पूरी जनपद में जांच कराई गई. तब पता चला कि जो एफसीआई से खाद्यान्न निकला था. उसको राशन डीलर तक नहीं पहुंच कर बाजार से खरीदा हुआ खाद्यान्न राशन डीलर को दिया गया.

Advertisement

बाजार से खरीदकर डीलरों को दिया अनाज
डीएम ने बताया कि जांच में यह भी पता चला कि बिचौलियों ने राशन डीलर को पैसे दे दिए और कहा कि राशन बाजार से खरीद कर इन्हें उपभोक्ताओं को कार्ड धारकों को वितरित कर दें. जिलाधिकारी का कहना है कि सभी उपभोक्ताओं को खाद्यान्न तो मिला है, लेकिन काफी समय तक खाद्यान्न को डायवर्ट किया गया और बाजार से दिया गया. राशन विक्रेताओं को पैसे दिए गए जो की गंभीर अनियमितता मिली.

 डीएम ने कहा कि इस कारण मार्केटिंग इंस्पेक्टर, परिवहन ठेकेदार और जो 5 से 6 लोग इसमें शामिल थे उन सभी के विरुद्ध प्राथमिक की दर्ज कराई गई है. इसके अलावा अभिलेखों का रखरखाव न करने पर मॉनिटरिंग सही से न करने पर विभागीय अधिकारी और मार्केटिंग इंस्पेक्टर के विरुद्ध भी शासन में लिखा गया है. साथ ही बुलंदशहर ब्लॉक के मार्केटिंग इंस्पेक्टर के विरुद्ध लिखा गया है और उनका स्थानांतरण कर उसको कार्यालय से अटैच किया जा रहा है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement