गाजियाबाद में भयानक हादसा, खेलते हुए ढाई फीट गहरे नाले में गिरने से मासूम की मौत

गाजियाबाद के माजरा झुंडपुरा गांव में खुले नाले में गिरने से 11 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई. खेलते समय हुए इस हादसे के बाद इलाके में शोक और आक्रोश है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए खुले नालों को ढकने की मांग की है.

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खेलते हुए ढाई फीट गहरे नाले में गिरने से मासूम की मौत (Photo: representational image) खेलते हुए ढाई फीट गहरे नाले में गिरने से मासूम की मौत (Photo: representational image)

aajtak.in

  • गाजियाबाद,
  • 23 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:16 PM IST

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में खुले नालों की समस्या एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है. मसूरी थाना क्षेत्र के माजरा झुंडपुरा गांव में घर के पास खेल रहे 11 वर्षीय बच्चे की खुले नाले में गिरने से मौत हो गई. इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में शोक के साथ-साथ प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है.

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पुलिस के अनुसार मृतक बच्चे की पहचान अहिल के रूप में हुई है. घटना बुधवार शाम की है, जब अहिल अपने घर से करीब 50 मीटर की दूरी पर खेल रहा था. इसी दौरान वह असंतुलित होकर करीब ढाई फीट गहरे खुले नाले में गिर गया. परिजनों और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे नाले से बाहर निकाला. प्राथमिक रूप से उसे गर्म पानी से साफ करने के बाद बेहोशी की हालत में पड़ोसी जिले हापुड़ के पिलखुवा स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया. गुरुवार को अहिल का अंतिम संस्कार कर दिया गया. मसूरी क्षेत्र की अपर पुलिस उपायुक्त लिपि नागाइच ने बताया कि घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को तत्काल नहीं दी गई थी.

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घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. ग्रामीणों का आरोप है कि जिस नाले में बच्चा गिरा, वह लंबे समय से खुला पड़ा है और न तो उसे ढका गया है और न ही उसके चारों ओर कोई सुरक्षा दीवार बनाई गई है, जबकि उस इलाके में बच्चे अक्सर खेलते रहते हैं. लोगों ने बताया कि इससे पहले 8 जनवरी को मोमिन कॉलोनी में भी पांच महीने के एक बच्चे की खुले नाले में गिरने से मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद नगर निकाय की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नालों को ढकने और सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए, तो वे जिला मजिस्ट्रेट के सामने इस मुद्दे को उठाएंगे.

अहिल के पिता जाहिद पेशे से प्लंबर हैं और मूल रूप से ग्रेटर नोएडा के सोहरखा गांव के निवासी हैं. वे अपने परिवार के साथ माजरा झुंडपुरा में रह रहे थे. यह घटना हाल ही में नोएडा सेक्टर-150 में हुए उस हादसे के बाद सामने आई है, जिसमें घने कोहरे के बीच एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी. लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने शहरी और ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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