यूपी में साल 2020 में हुए बिकरू कांड में जेल में बंद 44 आरोपियों में से एक को कानपुर देहात की माती कोर्ट ने सजा सुनाई है. धारा-307 के आरोप में जेल में बंद श्यामू बाजपाई को एंटी डकैती कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाने के साथ ही 5 हजार का जुर्माना भी लगाया है.
बताते चलें कि कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में 2/3 जुलाई 2020 की रात छापेमारी कर विकास दुबे को पकड़े गई पुलिस पर विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर फायरिंग की थी. इसमें डीएसपी समेत आठ पुलिस वालों की निर्मम हत्या कर दी थी. पुलिस ने इस घटना के बाद 8 दिन में विकास दुबे सहित उसके छह साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था.
असलहे पर उंगलियों के निशान पाए गए
बिकरू कांड में 44 आरोपी कानपुर देहात की माती जेल में बंद हैं. इन पर बिकरू कांड समेत अन्य केस दर्ज हैं. इसी मामले में उस पर आरोप था कि जिस असलहे से पुलिस वालों पर गोलियां चलाई गईं, उस पर श्यामू की उंगलियों के निशान पाए गए थे. कोर्ट में आरोप सिद्ध हुआ है.
बाल-बाल बचे थे कई पुलिस वाले
डीजीसी वकील राजू पोरवाल ने बताया कि बिकरू कांड में श्यामू बाजपेई शामिल था. उसे पुलिस ने अरेस्ट किया था. इस घटना के बाद प्रयुक्त असलहा बरामद कराने के लिए पुलिस श्यामू को लेकर भी गई थी.
उसने पुलिस पर फायरिंग की थी. इसमें कई पुलिस वाले बाल-बाल बच गए थे. इसी मामले में उस पर केस दर्ज हुआ था. कोर्ट ने उसे दोषी पाया और 5 साल की सजा और ₹5000 का जुर्माना भी लगाया है.
सूरज सिंह