उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग में बड़ी कार्रवाई, घूसखोरी के आरोप में दो डॉक्टर सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में डिप्टी सीएमओ राजीव दीक्षित को घूसखोरी के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. उन्होंने एक डायग्नोस्टिक सेंटर के लाइसेंस के लिए रिश्वत मांगी थी. वहीं, अंबेडकरनगर के सीएचसी डॉक्टर इंद्रेश यादव भी निलंबित हुए हैं. सीएमओ अवधेश कुमार यादव पर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं.

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AI जेनरेटेड (सांकेतिक तस्वीर). AI जेनरेटेड (सांकेतिक तस्वीर).

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 28 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 11:42 PM IST

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में घूसखोरी के आरोपों के चलते बड़ी कार्रवाई की गई है. बाराबंकी के डिप्टी सीएमओ राजीव दीक्षित को घूस मांगने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है. आरोप है कि उन्होंने एक डायग्नोस्टिक सेंटर के लाइसेंस जारी करने के बदले रिश्वत मांगी थी. इस मामले में प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबन के आदेश जारी किए.

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इसके अलावा, अंबेडकरनगर के बेवाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के डॉक्टर इंद्रेश यादव को भी सस्पेंड कर दिया गया है. साथ ही, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अवधेश कुमार यादव के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं. यह कार्रवाई तब हुई जब सीडीओ और एसडीएम की संयुक्त जांच में राजीव दीक्षित को दोषी पाया गया.

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जांच में यह भी सामने आया कि डॉक्टर इंद्रेश यादव की कार्यशैली में भी गंभीर अनियमितताएं थीं. यह कार्रवाई सीडीओ और एसडीएम की जांच के बाद हुई है, जिसमें राजीव दीक्षित दोषी पाए गए थे. वहीं, राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साफ कर दिया है कि स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 

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