लखनऊ की वजीरगंज पुलिस और साइबर क्राइम सेल ने संयुक्त अभियान में झारखंड से तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है. ये ठग फर्जी APK फाइल और लिंक भेजकर लोगों के मोबाइल फोन को हैक कर उनके बैंक खातों से पैसे उड़ा रहे थे. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रियाज आलम, नियाज़ अंसारी और उल्फत अंसारी के रूप में हुई है.
दरअसल, आरोपी लोगों को व्हाट्सएप पर प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री कुसुम योजना से जुड़ी APK फाइल या लिंक भेजते थे. जैसे ही कोई व्यक्ति इसे डाउनलोड करता, उसके मोबाइल का पूरा कंट्रोल ठगों के पास पहुंच जाता. इसके बाद वे पीड़ितों के फोन से OTP, बैंकिंग डिटेल और अन्य गोपनीय जानकारी चुरा लेते. फिर यूपीआई या नेट बैंकिंग के जरिए उनके खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे.
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कैसे हुआ खुलासा?
22 जनवरी को रेनुका सिंह नाम की महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति के बैंक खाते से 99 हजार 500 रुपये संदिग्ध तरीके से ट्रांसफर हो गए हैं. जांच में पता चला कि उनके मोबाइल पर एक APK फ़ाइल इंस्टॉल की गई थी, जिससे उनके मैसेज और बैंकिंग डिटेल ठगों तक पहुंच गए. पुलिस ने साइबर ट्रेसिंग और तकनीकी जांच के आधार पर झारखंड में छापेमारी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए साइबर ठगों के पास से 11 स्मार्टफोन, एक कार और कई फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं. लखनऊ पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और धोखाधड़ी से जुड़े विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि कितने लोगों के साथ इसी तरह की ठगी की गई है.
आशीष श्रीवास्तव