उत्तर प्रदेश में बरेली की एक स्थानीय अदालत ने एक व्यक्ति को पत्नी की हत्या करने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. शख्स ने शराब पीने से मना करने पर पत्नी पर हमला कर उसकी जान ले ली थी. 27 जनवरी को फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने 35 साल के श्रवण कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया.
फैसले में कहा गया कि अपने जीवनसाथी की हत्या करना न केवल आईपीसी की धारा 302 के तहत अपराध है बल्कि एक नैतिक पाप भी है. न्यायाधीश ने भगवान शिव के अर्धनारीश्वर रूप का संदर्भ देते हुए हिंदू पौराणिक कथाओं के साथ तुलना की, जो वैवाहिक बंधन की पवित्रता का प्रतीक है.
इसमें दोषी के कार्यों की तुलना महान श्रवण कुमार से की गई, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से अपने माता-पिता को तीर्थयात्रा पर ले जाया था, जो दोनों में भारी अंतर को हाईलाइट करता है. अतिरिक्त जिला सरकारी वकील दिगंबर सिंह के अनुसार, अदालत ने मुकदमे के दौरान पेश किए गए अन्य सबूतों के अलावा, पीड़ित के भाई कल्लू और उनकी मां शांति सहित 10 गवाहों पर भरोसा किया.
बरेली के सीबी गंज इलाके के सर्वोदय नगर में रहने वाले कुमार अपनी पत्नी 30 साल की मीना के साथ रहते थे. अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि उस पर अक्सर शराब खरीदने के लिए घर से पैसे लेने का आरोप लगाया जाता था, जिसके कारण उसकी पत्नी के साथ झगड़े होते थे. 11 अगस्त, 2021 को कुमार नशे में घर लौटा तो मीना उससे भिड़ गई.
वह गुस्से में घर से निकल गया, लेकिन रात करीब 11.30 बजे लौटा और मीना पर चाकू से जानलेवा हमला कर उसके पेट में चाकू घोंप दिया. सीबी गंज पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी जिसके बाद कुमार को 13 अगस्त, 2021 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जेल में थे.
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