उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक फरियादी ने जनता दर्शन के दौरान डीएम ऑफिस में तेल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया. इससे जिलाधिकारी के कार्यालय में हड़कंप मच गया. आनन फानन में डीएम सत्येंद्र कुमार फरियादी को अपने दफ्तर में बुलाया और सीएमओ को बुलाकर डॉक्टरों की टीम से उसका प्राथमिक उपचार करवाया, फिर अस्पताल भेज दिया.
जानकारी के अनुसार, खुद को आग के हवाले करने वाला जुबैर रामनगर तहसील के डीह गांव का रहने वाला है. वह अपने परिवार के साथ डीएम ऑफिस पहुंचा था, यहां उसने आत्मदाह का प्रयास किया. इस मामले में डीएम सत्येंद्र ने तुरंत जुबैर के आवास की किस्त जारी की और ग्राम पंचायत अधिकारी को सस्पेंड करते हुए केस दर्ज कराने का आदेश दिया है.
जिलाधिकारी ने घटना को लेकर क्या बताया?
डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि जुबैर सुबह अपने परिवार के साथ आए और यहां आते ही उन्होंने जनता दर्शन के दौरान तेल छिड़ककर खुद को आग लगा ली थी. ये रामनगर तहसील के गांव डीह से आए थे. इनके 7 बच्चे हैं. इनकी समस्या ये थी कि आवास योजना की पहली किस्त मिली थी, लेकिन उन्हें दूसरी किस्त नहीं मिली.
उन्होंने कहा कि किसी की शिकायत पर इनकी किस्त रुक गई थी. उसी बात से ये परेशान थे. इसके चलते इन्होंने आत्मदाह का प्रयास किया. जिस भूमि पर इनका आवास बन रहा था, वह भूमि उन्हें पट्टा करते हुए उपलब्ध करवाई जा रही है और आवास की दूसरी किस्त भी जारी करने का आदेश दे दिया गया है.
आत्मदाह की कोशिश करने वाले जुबैर ने ग्राम पंचायत अधिकारी पर भ्रष्ट्राचार का आरोप लगाया है. इसके बाद ग्राम पंचायत अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया, इसी के साथ केस दर्ज करने का आदेश दिया गया है. जुबैर की सभी समस्याओं का हल कर दिया गया है.
सैयद रेहान मुस्तफ़ा