केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ पहुंचे. उन्होंने समाजवादी पार्टी के गढ़ रहे आजमगढ़ में विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा.
उन्होंने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे अब भी याद है, जब मैं गुजरात का गृहमंत्री था और अहमदाबाद में विस्फोट हुआ था. उस समय पुलिस अपराधियों को गिरफ्तार कर रही थी. इस बम विस्फोट का मास्टरमाइंड आजमगढ़ से पकड़ा गया था. सूबे की पिछली सरकारों ने आजमगढ़ की छवि खराब कर दी थी.
सिर्फ रमजान में 24 घंटे बिजली आती थी
इस दौरान अमित शाह ने कहा कि मुझे याद है कि जब मैं पहले यूपी आता था और रात में यहां रुकता था तो ऐसी कोई रात नहीं होती थी, जब किसी घटना की सूचना नहीं आती थी. पहले 24 घंटे बिजली कुछ ही मौकों पर होती थी. यहां केवल रमजान पर चौबीस घंटे बिजली देखने को मिलती थी.
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के राज में रात-रातभर बिजली नहीं आती थी. गांव के गांव में लोगों को बिजली नहीं दिखती थी. 24 घंटे बिजली की सोचना सिर्फ कल्पना थी सिर्फ रमजान में 24 घंटे बिजली मिलती थी.
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'योगी के राज में यूपी दंगामुक्त हुआ'
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सूबे की पिछली सरकारों ने आजमगढ़ की छवि खराब कर दी थी. बीजेपी ने योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी को दंगामुक्त किया. सपा के मुखिया यहां से सांसद थे. आपने कभी कोरोना काल में उन्हें देखा. वह कभी यहां टीका लगाने आए. उन्होंने 2024 चुनाव में आजमगढ़ और पूरे यूपी में बीजेपी को जिताने की हुंकार भरी.
उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस के शासन में आजमगढ़ आतंकवाद के लिए जाना जाता था. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन में यहां विकास हो रहा है. उनहोंने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए सरकारी खुजाना खोल दिया है. इस दौरान अमित शाह ने आजमगढ़ में 4583 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया.
बता दें कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के विधायक बनने के बाद आजमगढ़ सीट खाली हो गई थी, जिसके बाद 2022 के लोकसभा उपचुनाव में आजमगढ़ सीट से बीजेपी के दिनेश लाल यादव निरहुआ ने जीत दर्ज की थी.
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