'सुनसान रास्ते में अकेली खड़ी हूं...' हेल्प के लिए आया लड़की का कॉल, पुलिस पहुंची तो देखकर रह गई अवाक

उत्तर प्रदेश के आगरा (Agra) में पुलिस कंट्रोल रूम पर एक लड़की का फोन आया, जिसमें उसने सुनसान रास्ते पर अकेली खड़े होने की बात कही और मदद की गुहार लगाई. पुलिस ने तुरंत लड़की को सांत्वना दी और कहा कि 10-15 मिनट के भीतर सहायता पहुंच जाएगी. जल्द ही पुलिस टीम लड़की के पास पहुंची, लेकिन वहां पहुंचने पर पुलिसकर्मी सन्न रह गए.

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लड़की का कॉल मिलते ही पहुंची पुलिस टीम. लड़की का कॉल मिलते ही पहुंची पुलिस टीम.

अरविंद शर्मा

  • आगरा,
  • 29 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:32 PM IST

उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस कंट्रोल रूम पर एक लड़की का फोन पहुंचता है और वह मदद की गुहार लगाते हुए कहती है कि मैं सुनसान रास्ते पर अकेली हूं. इस पर पुलिस कंट्रोल रूम ने कहा कि आप वहीं रहें, 10 मिनट में आपके पास सहायता पहुंच रही है. आनन-फानन में पुलिस टीम लड़की के पास पहुंची. इस दौरान लड़की को देख पुलिस वाले अवाक रह गए. फोन करने वाली लड़की कोई और नहीं, पुलिस कमिश्नरेट में तैनात सहायक पुलिस कमिश्नर सुकन्या शर्मा थीं. पुलिस वालों को समझ नहीं आया कि आखिर उनके साथ ऐसा क्यों किया गया? कुछ देर बाद पता चलता है कि यह टेस्ट रिपोर्ट थी.

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दरअसल, लड़की ने फोन कर कंट्रोल रूम को बताया था कि मैं सुनसान सड़क पर अकेली खड़ी हूं और मुझे डर लग रहा है. कंट्रोल रूम ने लड़की से पूछा आपके आसपास कौन खड़ा है? लड़की ने जवाब दिया कोई नहीं. कंट्रोल रूम ने लड़की से पूछा कि कहां जाना है? लड़की ने जवाब दिया कि आगरा कैंट रेलवे स्टेशन जाना है. कंट्रोल रूम ने कहा कि ठीक है, आप वहीं खड़ी रहिए, आपके पास मदद पहुंच रही है. लड़की ने पूछा कितनी देर में? कंट्रोल रूम ने जवाब दिया कि 15 मिनट में. इसके बाद ठीक 15 मिनट में लड़की के पास पुलिस पहुंच गई.

यह भी पढ़ें: VIDEO: जान देने को अटल सेतु से कूदी महिला, कैब ड्राइवर ने पकड़ा, फिर कुछ ही सेकंड में पहुंची पुलिस

यह वाकया रात 11:30 बजे का है. पुलिस के पहुंचने पर पुलिस वालों को पता चला कि लड़की कोई और नहीं, सहायक पुलिस आयुक्त सुकन्या शर्मा हैं. सुकन्या शर्मा ने पुलिस सहायता का रिस्पांस टेस्ट किया था. टेस्ट में पाया गया कि 15 मिनट का समय दिया गया था और सहायता 15 मिनट में पहुंच गई. टेस्ट रिपोर्ट में सब कुछ सही मिला. यह टेस्ट रिपोर्ट विशेष कारणों से की गई थी. आगरा में वूमेन सेफ जोन बनाए जाने हैं.

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वूमेन सेफ जोन बनाने के लिए पुलिस आयुक्त के रविंदर गौड ने एक गाइडलाइन भी जारी की है. गाइडलाइन में स्पष्ट आदेश है कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक यदि कोई महिला को वाहन नहीं मिल रहा है और वह रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जाना चाहती है अथवा घर के लिए आना चाहती है तो वह पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 112 पर फोन कर हेल्प मांग सकती है.

हेल्प मांगने वाली महिला के पास पुलिस मौके पर पहुंचेगी. उसे जहां जाना होगा, वहां का किराया संबंधित महिला अथवा युवती को अदा करना होगा. महिला या युवतियों की सहायता के लिए 100 ऑटो सिलेक्ट किए गए हैं, जिनके ड्राइवर वर्दी, दुरुस्त नेम प्लेट सहित उपलब्ध रहेंगे.

सिलेक्ट ऑटो ड्राइवर का नाम, पता, मोबाइल नंबर पुलिस ने रजिस्टर किया है. यदि किसी महिला या युवती के साथ कोई घटना होती है तो भी इन ऑटो ड्राइवर की मदद ली जाएगी. पुलिस ने शहर में तीन वूमेन सेफ जोन निर्धारित किए हैं, जो कमला नगर, सदर बाजार और न्यू आगरा में है. ये सेफ जोन पूरी तरह से सीसीटीवी की देखरेख में हैं.

इस मामले पर आगरा ACP सुकन्या शर्मा ने कहा, 'मुझे भरोसा है कि रात को कोई भी महिला पैसेंजर अकेली सफर कर रही है, तो उसके साथ बेहतर व्यवहार किया जाएगा. आगरा में कई चारपहिया वाहन हैं. उसी को चेक करने के लिए यह एक अंडर कवर ऑपरेशन किया गया था.'

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