बार-बार फेल, गंभीर बीमारी… फिर भी 25 की उम्र में ₹21 लाख सालाना पैकेज, कहानी वायरल

एक रेडिट यूजर ने बताया कि कैसे पढ़ाई में असफलता, गंभीर बीमारी और कम सैलरी की नौकरियों से जूझते हुए उसने 25 साल की उम्र में ₹21 लाख सालाना पैकेज हासिल किया. यह कहानी मेहनत, धैर्य और कभी हार न मानने की मिसाल है.

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यह कहानी बताती है कि हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, मेहनत और धैर्य से जिंदगी बदली जा सकती है. ( Photo: Pixabay) यह कहानी बताती है कि हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, मेहनत और धैर्य से जिंदगी बदली जा सकती है. ( Photo: Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:47 AM IST

जिंदगी में असफलताएं, बीमारी और निराशा किसी को भी तोड़ सकती हैं, लेकिन कुछ लोग इन्हीं मुश्किलों को अपनी ताकत बना लेते हैं. रेडिट पर शेयर की गई एक 25 वर्षीय युवक की कहानी बताती है कि कैसे बार-बार की नाकामी, गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और बेहद कम कमाई से शुरू हुआ सफर आखिरकार ₹21 लाख सालाना पैकेज तक पहुंचा. एक रेडिट यूजर ने अपनी जिंदगी की संघर्ष भरी कहानी शेयर की है, जिसमें उसने बताया कि कैसे उसने पढ़ाई, सेहत और नौकरी से जुड़ी कई परेशानियों के बावजूद 25 साल की उम्र में सालाना 21 लाख रुपये के पैकेज तक का सफर तय किया.

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पहले सेमेस्टर में सभी विषयों में हुआ फेल
सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का सपना होने के बावजूद उसे एक साधारण कॉलेज में बीएससी मैथ्स में एडमिशन लेना पड़ा. शुरुआत में वह पढ़ाई में बुरी तरह असफल रहा और पहले सेमेस्टर में सभी विषयों में फेल हो गया. कोविड के समय उसकी हालत और खराब हो गई. वह डिप्रेशन में चला गया और यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं में बार-बार फेल होता रहा.

आखिरकार 2024 में आखिरी मौके पर वह पास हो पाया. इसी दौरान उसकी सेहत भी बिगड़ गई. उसे किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी, विटामिन डी की कमी और कम वजन जैसी समस्याएं हो गईं. मानसिक दबाव इतना बढ़ गया कि उसे अपनी गर्लफ्रेंड से भी रिश्ता तोड़ना पड़ा. उसने लिखा कि वह उसे दुख नहीं देना चाहता था, इसलिए खुद को उससे दूर कर लिया.

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2023 में मिली पहली पार्ट-टाइम नौकरी
कॉलेज खत्म होने के बाद उसने खुद से कोडिंग सीखना शुरू किया. अगस्त 2023 में उसे पहली पार्ट-टाइम नौकरी मिली, जिसमें सिर्फ 7,000 रुपये महीना मिलता था. बाद में उसने फ्रीलांस काम किया. 2024 में उसे 6 लाख रुपये सालाना की नौकरी मिली, लेकिन पांच महीने बाद उसे वहां से निकाल दिया गया. इसके बाद उसे 7.5 लाख रुपये सालाना की एक और नौकरी मिली. मेहनत जारी रखते हुए अक्टूबर 2025 तक उसे दो अच्छे ऑफर मिले और उसने एक स्टार्टअप जॉइन किया, जहां उसे 21 लाख रुपये सालाना का पैकेज और ESOPs मिले.

भविष्य को लेकर काफी उम्मीद 
अब उसकी सेहत काफी बेहतर है, वह जिम जाता है और खुद को पहले से ज्यादा खुश और संतुष्ट महसूस करता है. उसने कहा कि उसकी जिंदगी अभी पूरी तरह सेट नहीं है, लेकिन अब वह भविष्य को लेकर उम्मीद से भरा हुआ है. बस उसे एक बात का अफसोस है कि उसे अब तक जीवनसाथी नहीं मिला है, जिसकी तलाश वह अब कर रहा है. यह कहानी बताती है कि हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, मेहनत और धैर्य से जिंदगी बदली जा सकती है.

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