पुणे में वरिष्ठ नागरिकों का मैचमेकिंग इवेंट वायरल, लोग बोले- प्यार की कोई उम्र नहीं होती

पुणे में 60 से 80 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयोजित एक अनोखा मैचमेकिंग कार्यक्रम सोशल मीडिया पर वायरल हो है.रहा है. इंफ्लुएंसर शेनाज ट्रेजरी द्वारा शेयर किए गए वीडियो ने यह संदेश दिया कि प्यार और साथ की चाह की कोई उम्र सीमा नहीं होती.

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पुणे में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयोजित एक अनोखा मैचमेकिंग इवेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ( Photo: Instagram/ @shenaztreasury) पुणे में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयोजित एक अनोखा मैचमेकिंग इवेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. ( Photo: Instagram/ @shenaztreasury)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:36 PM IST

पुणे में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयोजित मैच मेकिंग इवेंट एक खास  ने यह साबित कर दिया कि प्यार की कोई उम्र नहीं होती. इस अनोखे आयोजन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे इंफ्लुएंसर शेनाज़ ट्रेजरी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है. इस वीडियो में पुणे में आयोजित एक मैचमेकिंग कार्यक्रम दिखाई देता है, जिसमें 60 से 80 साल की उम्र के बुजुर्ग शामिल थे. सभी लोग मुस्कुराते हुए, हंसते हुए और नए रिश्तों की उम्मीद के साथ एक-दूसरे से मिलते नजर आए.  यह सिर्फ एक विवाह आयोजन नहीं था, बल्कि साथ और खुशी की तलाश का एक इमोशनल मंच था.

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सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल
शेनाज ने बताया कि जब उन्होंने बुजुर्गों को संभावित जीवनसाथी से मिलते समय किशोरों की तरह मुस्कुराते हुए देखा, तो वह भावुक हो गईं. उन्होंने लिखा कि वहां मौजूद कई लोग अपने जीवनसाथी को खो चुके थे या कठिन तलाक से गुजरे थे, लेकिन फिर भी सभी दोबारा खुश होने की उम्मीद लेकर आए थे. इस आयोजन की खास बात यह थी कि यहां धर्म, जाति, पैसा या सामाजिक हैसियत जैसी कोई शर्त नहीं थी. लोग बिना झिझक बातचीत कर रहे थे, हंसी-मजाक कर रहे थे और एक-दूसरे से जुड़ रहे थे. यहां सिर्फ इंसानियत, अपनापन और प्यार को महत्व दिया गया.

सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ
कई प्रतिभागियों ने बताया कि जीवन भर परिवार और जिम्मेदारियों में उलझे रहने के कारण उन्होंने खुद की खुशी पर कभी ध्यान नहीं दिया. कुछ लोगों ने महामारी के दौरान अपने जीवनसाथी को खोया, जिससे उनका अकेलापन और बढ़ गया. यह आयोजन उनके लिए दोबारा जुड़ने, खुद को खास महसूस करने और फिर से उम्मीद जगाने का मौका बना.

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इस वीडियो को सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब सराहा है. कई यूजर्स ने इसे भावुक कर देने वाला बताया, तो कई ने कहा कि यह समाज की उस सोच को चुनौती देता है जिसमें माना जाता है कि प्यार की एक उम्र होती है. जैसा कि शेनाज ने कहा, समाज चाहे जो भी सोचे, लेकिन पुणे के इस कमरे में मौजूद बुजुर्गों ने यह दिखा दिया कि प्यार और खुशी पाने की कोई समय सीमा नहीं होती.

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