अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा और सरकार ने हाल के वक्त में यूएफओ और एलियन जैसी घटनाओं के प्रति अपनी दिलचस्पी दिखाई है. इस मौके पर हम दुनिया की एक ऐसी जगह के बारे में जान लेते हैं, जहां बहुत सी अजीब घटनाएं देखने को मिली हैं. इस जगह को 'अलास्का ट्रायंगल' के नाम से जाना जाता है. यहां होने वाली चीजों के बारे में सुनकर हर कोई हैरानी जताता है. ऐसा कहा जाता है कि यहां यूएफओ दिखना, भूतों की आवाज आना और विशाल पैरों के निशान दिखना आम बात है. 1970 के बाद से अभी तक 20,000 से अधिक लोग गायब हो गए हैं.
मिरर यूके की रिपोर्ट में डिस्कवरी चैनल डॉक्यूमेंट्री के हवाले से लिखा गया है, यूएफओ देखने वाले चश्मदीद वेस स्मिथ का कहना है कि वो काफी अलग ट्रायंगल आकार की मजबूत चीज थी. हम जिन एयरक्राफ्ट्स को जानते हैं, वो उनसे अलग तरह से उड़ रही थी. उस उड़ने वाली चीज से आवाज नहीं आ ही थी. इस बारे में स्मिथ ने आगे बताया, 'ये ऐसा था, जैसे आपको जो कुछ भी सिखाया गया है, वो सब ओझल हो गया हो. क्योंकि ये कैसे संभव हो सकता है?'
वेस स्मिथ ने जहां यूएफओ देखा, उस जगह से 11 मील दूर रहने वाले माइकल डिल्लन कहते हैं कि उन्होंने अपने कैमरे में भी एक ऐसी ही घटना को कैद किया है. जिसमें तेज गति से ऊपर की तरफ जाने से पहले बादलों में एक रोशनी दिखाई दी. उन्होंने कहा, 'ये साफ था कि हम जिस चीज के गवाह बने, वो कोई प्राकृतिक घटना नहीं थी. कोई इंसानी शरीर उस गति से किसी चीज को उड़ा ही नहीं सकता.' चैनल के अनुसार, दुनिया में किसी भी अन्य जगह के मुकाबले यहां लापता होने के अनसुलझे मामले सबसे ज्यादा देखने को मिलते हैं.
डेली स्टार के मुताबिक, डिस्कवरी चैनल की नई डॉक्यूमेंट्री में रहस्यमयी यूएफओ देखने वाले चश्मदीदों का इंटरव्यू लिया गया है. 1970 के बाद से दक्षिण में एंकोरेज और जूनो से लेकर उत्तरी तट पर उटकियागविक तक के क्षेत्र में 20,000 से अधिक लोग लापता हुए हैं. इसके अलावा यहां विशाल पैरों के निशान भी मिले. लोगों को लगता है कि मांस खाने वाला कोई बड़ा जीव उन्हें उठाकर ले जाता है.
लापता मामलों की संख्या राष्ट्रीय औसत से दो गुना से भी ज्यादा है. बचावकर्मियों ने लापता व्यक्तियों की तलाश करते समय चक्कर आने और भटकाव महसूस होने के साथ-साथ भूतों की आवाजें सुनाई देने की बात कही है. यहां रात के वक्त आसमान में रोशनी दिखने की घटना भी एक रहस्य बनी हुई है.
कुछ लोगों का मानना है कि अमेरिकी सैन्य अधिकारियों को उनकी टेस्टिंग रेंज पर यूएफओ की उपस्थिति के बारे में सब कुछ पता हो सकता है. हिप्नोथेरेपिस्ट और पैरानॉर्मल रिसर्चर जॉनी एनोच ने कहा कि 'अलास्का ट्रायंगल' में स्पष्ट रूप से कुछ अजीब चल रहा है. उनका अनुमान है कि अमेरिकी सेना के वरिष्ठ अधिकारी सीक्रेटली उस चीज के बारे में जानते हैं, जो इस रहस्य के पीछे है.
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