जिस काम में टीम को एक साल लगा, AI ने उसे मिनटों में कर दिया; इम्प्लॉई का दावा

AI किस तरह इंसानों को पीछे छोड़ रहा है और उनकी जगह ले रहा है, इस पर गूगल की एक इंजीनियर के दावे से जुड़ी पोस्ट इन दिनों वायरल हो रही है. कई मामलों में AI प्रॉब्लम सॉल्विंग के दौरान इंसानों से कहीं ज्यादा तेज और सटीक साबित होता नजर आ रहा है.

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गल की एक सीनियर इंजीनियर जाना डोगन ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा किया (सांकेतिक तस्वीर-Pexel) गल की एक सीनियर इंजीनियर जाना डोगन ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा किया (सांकेतिक तस्वीर-Pexel)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:09 PM IST

AI से नौकरियां जाने की खबरें आजकल लगभग हर दिन सामने आ रही हैं. ऐसे में एक बड़ा सवाल उठता है-क्या AI इंसानों की जगह ले रहा है? वजह भी साफ है- AI की एफिशिएंसी कई मामलों में इंसानों से बेहतर होती जा रही है. वह तेजी से काम करता है, थकता नहीं और कई बार प्रॉब्लम सॉल्विंग में इंसानों से ज्यादा तेज और सटीक साबित हो रहा है.

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इसी बहस के बीच हाल ही में एक पॉडकास्ट में एलॉन मस्क ने भी AI को लेकर बड़ा बयान दिया. मस्क ने कहा कि आने वाले वक्त में AI लगभग हर क्षेत्र में इंसानों से बेहतर हो सकता है. उनका मानना है कि भविष्य ऐसा हो सकता है, जहां काम करने के लिए इंसान की जरूरत सीमित रह जाए और AI ज्यादातर जिम्मेदारियां संभाल ले.

 AI ने कैसे बदल दी तस्वीर
हालांकि एलॉन मस्क यह भी इशारा करते हैं कि यह बदलाव सिर्फ खतरे नहीं, बल्कि नए मौके भी लाएगा. अब इसी कड़ी में एक वाकया वायरल हो रहा है, जिसने टेक वर्ल्ड में नई बहस छेड़ दी है.

गूगल की एक सीनियर इंजीनियर जाना डोगन ने सोशल मीडिया पर अपना अनुभव साझा किया, जो इन दिनों खूब चर्चा में है. डोगन के मुताबिक, कोडिंग से जुड़ी एक ऐसी समस्या, जिसे उनकी टीम पिछले एक साल से सुलझाने में जुटी हुई थी, उसी समस्या को AI ने सिर्फ एक घंटे में हल कर दिया.

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मतलब साफ है जहां कई इंजीनियर मिलकर सालभर से उस प्रॉब्लम पर माथापच्ची कर रहे थे, वहीं AI ने उसे चुटकियों में सॉल्व कर दिया. यही वजह है कि यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है और एक बार फिर सवाल उठ रहा है कि AI आने वाले वक्त में काम करने के तरीके को कितनी तेजी से बदलने वाला है.

AI की रफ्तार ने क्यों बढ़ाई टेक इंडस्ट्री की चिंता

डोगन के मुताबिक, उन्होंने क्लाउड कोड को एक टेक्निकल समस्या के बारे में सिर्फ तीन छोटे पैराग्राफ में बताया. इसके बाद जो हुआ, उसने उन्हें खुद हैरान कर दिया. महज एक घंटे के अंदर AI ने ऐसा समाधान तैयार कर दिया, जिस पर गूगल की इंजीनियरिंग टीम पिछले एक साल से काम कर रही थी.

यह समस्या ‘डिस्ट्रिब्यूटेड एजेंट ऑर्केस्ट्रेटर्स’ से जुड़ी थी. आसान शब्दों में कहें तो ये ऐसे सिस्टम होते हैं, जो कई AI एजेंट्स को एक साथ मिलकर काम करने के लिए मैनेज करते हैं. डोगन ने बताया कि गूगल में इस सिस्टम को बनाने के लिए कई तरीकों पर काम हुआ, लेकिन अब तक किसी एक फाइनल डिजाइन पर सबकी सहमति नहीं बन पाई थी.

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देखें पोस्ट

उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि मैं मजाक नहीं कर रही. हम पिछले साल से इस पर काम कर रहे हैं. मैंने क्लाउड को समस्या बताई और उसने एक घंटे में वही चीज बना दी, जो हमने पिछले साल तैयार कर रहे थे.

डोगन ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने गूगल की किसी भी इंटरनल जानकारी का इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने सिर्फ पब्लिक आइडियाज के आधार पर समस्या का एक सिंपल वर्जन बनाया, ताकि देखा जा सके कि AI कैसा प्रदर्शन करता है. उनका कहना है कि नतीजा परफेक्ट नहीं था, लेकिन इतना अच्छा जरूर था कि किसी भी अनुभवी इंजीनियर को चौंका दे।

उन्होंने AI को लेकर शक करने वालों से कहा कि अगर किसी को संदेह है, तो वह AI को उसी फील्ड में आजमाए, जिसमें उसे खुद अच्छी समझ हो.  क्लाउड कोड  को लेकर उन्होंने बताया कि गूगल में इसका इस्तेमाल सिर्फ ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट्स के लिए किया जा सकता है, इंटरनल काम के लिए नहीं.

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