दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों का सांस लेना दूभर हो गया है. आसमान में हर तरफ धुंध छाई हुई है. बाहर निकलते ही लोगों को आंखों में जलन हो रही है. इसी वजह से सरकार ने तमाम तरह के प्रतिबंध लगाए हैं. इसी कड़ी में दिल्ली में एक बार फिर ऑड-ईवन फॉर्मुला लागू कर दिया गया है. दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा, 'वायु प्रदूषण को देखते हुए ऑड-ईवन वाहन प्रणाली 13 से 20 नवंबर तक एक हफ्ते के लिए लागू रहेगी.' प्रदूषण से तंग लोग सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
एक यूजर ने इस पर कहा, 'प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली को एक हफ्ते (13-19 नवंबर) के लिए बंद करना बेहतर है.'
एक अन्य यूजर ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट स्वत: संज्ञान क्यों नहीं ले रहा? पर्यावरणविद् केजरीवाल के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहे? दिवाली को अभी 5-6 दिन हैं... कोई पटाखा नहीं जलाया गया. हर साल दोष दिवाली पर मढ़ देते हैं, अब क्या?'
तीसरे यूजर का कहना है, 'ये है दिल्ली में प्रदूषण. ये चीन में बहुत समान है. यहां अमेरिका में हमारे कई उद्योगों पर कड़े नियम हैं, जो उन्हें कम उत्सर्जन के लिए मजबूर करते हैं. फिर भी, हम अब भी अपने अधिकांश कंज्यूमर प्रोडक्ट उन स्थानों से आयात करते हैं, जो सबसे बड़े अपराधी हैं.'
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा, 'ऑड-ईवन की तैयारी के लिए कल 12 बजे बैठक बुलाई गई है... पूरे उत्तर भारत में प्रदूषण फैला हुआ है और भाजपा केंद्र में बैठकर बस सवाल उठा रही है. दिल्ली में 7000 से ज्यादा बसें हैं, जिनमें से 1000 इलेक्ट्रिक हैं. वाहन प्रदूषण सबसे ज्यादा देखा गया है तो इसे कंट्रोल करने के लिए 13 नवंबर से ऑड-ईवन का निर्णय लिया गया है.'
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