संसद में चल रही थी हेल्थ पॉलिसी पर चर्चा, महिला सांसद ई-सिगरेट पीते कैमरे में हुईं कैद

एक संसद में देश की स्वास्थ्य नीति पर बहस चल रही थी, जहां लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा हो रही थी. इसी दौरान एक चौंकाने वाली घटना ने सबका ध्यान खींच लिया. दरअसल, सत्र के दौरान एक सांसद वेपिंग (इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पीते हुए) कैमरे में कैद हो गईं.

Advertisement
संसद में महिला सांसद ई-सिगरेट पीते कैमरे में हुईं कैद Image Credit-@DavidLesterr_ संसद में महिला सांसद ई-सिगरेट पीते कैमरे में हुईं कैद Image Credit-@DavidLesterr_

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 4:27 PM IST

एक संसद में देश की स्वास्थ्य नीति पर बहस चल रही थी, जहां लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा हो रही थी. इसी दौरान एक चौंकाने वाली घटना ने सबका ध्यान खींच लिया. दरअसल, सत्र के दौरान एक सांसद वेपिंग (इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पीते हुए) कैमरे में कैद हो गईं. यह तस्वीर तेजी से वायरल हो गई और हर तरफ चर्चा का विषय बन गई.

Advertisement

ये घटना कोलंबिया की संसद में 17 दिसंबर को हुई. दिलचस्प बात ये इस दौरान संसद में स्वास्थ्य सुधारों पर बहस चल रही थी. ग्रीन एलायंस पार्टी की सांसद कैथी जुविनाओ को सत्र के दौरान वेपिंग (इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट) करते हुए कैमरे में कैद कर लिया गया. यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

वीडियो में जुविनाओ को अपनी सीट पर छिपकर वेपिंग करते हुए देखा जा सकता है, और जब उन्हें कैमरे का ध्यान आता है, तो वह तुरंत वेप छिपा लेती हैं. यह घटना कोलंबिया के उन सरकारी भवनों में हुई, जहां वेपिंग और धूम्रपान पर सख्त पाबंदी है.

देखें वायरल वीडियो

 

सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, जुविनाओ ने 'X' पर माफी मांगी और कहा, 'मैं नागरिकों से माफी मांगती हूं और यह गलती दोहराई नहीं जाएगी. मैं संसद में अपने तर्कों के साथ मजबूती से लड़ती रहूंगी.'

Advertisement

यह घटना राष्ट्रपति गुस्टावो पेट्रो द्वारा वेपिंग डिवाइस पर नियंत्रण कानून लागू करने के कुछ महीनों बाद हुई है, और इस पर लोगों के रिएक्शन सामने आए हैं. कुछ लोग इसे प्रोटोकॉल उल्लंघन मानते हुए आलोचना कर रहे हैं, जबकि अन्य जुविनाओ की माफी और सच्चाई स्वीकारने की सराहना कर रहे हैं

क्या होता वेप या ई-सिगरेट

वेप या ई-सिगरेट एक इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट होती है, जो देखने में सामान्य सिगरेट की तरह होती है, लेकिन इसमें तंबाकू का इस्तेमाल नहीं होता. यह एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो निकोटीन और फ्लेवर वाले लिक्विड को गर्म कर भाप (वापर) इस्तेमाल करता है. यह भाप सामान्य धुएं की तुलना में कम हानिकारक मानी जाती है क्योंकि इसमें तंबाकू जलने से पैदा होने वाले हानिकारक रसायन नहीं होते.

ई-सिगरेट का प्रमुख घटक उसका लिक्विड होता है, जिसमें निकोटीन, प्रोपलीन ग्लाइकोल और ग्लिसरीन होते हैं. जब यूजर कश लगाता है, तो यह लिक्विड गर्म होकर भाप में बदलता है, जिसे यूज़र खींचता है. इसमें एलईडी बल्ब होता है जो कश लेते समय जलता है, जिससे ऐसा लगता है कि तंबाकू जल रहा है, हालांकि इसमें तंबाकू नहीं होता. लल्लनटॉप की रिपोर्ट के मुताबिक, वेप में कैंसर पैदा करने वाले एजेंट भी होते हैं, जैसे कि जैसे फॉर्मेल्डिहाइड. वहीं, WHO ने इसे बैन करने की मांग की थी.

Advertisement


 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement