रोंगटे खड़े कर देगी वाघा बॉर्डर की परेड! बिना टिकट के ऐसे बनें इस ऐतिहासिक पल के गवाह

26 जनवरी को अगर देशभक्ति का जोश अपनी आंखों से देखना चाहते हैं, तो अटारी-वाघा बॉर्डर से बेहतर कोई जगह नहीं. खास बात यह है कि इस परेड को देखने के लिए न टिकट चाहिए और न ही कोई फीस. लेकिन सही समय पर पहुंचना, एंट्री नियम समझना और सुरक्षा पाबंदियों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

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गणतंत्र दिवस पर वाघा बॉर्डर पर दिखेगा देशभक्ति का अद्भुत नजारा (फाइल फोटो) गणतंत्र दिवस पर वाघा बॉर्डर पर दिखेगा देशभक्ति का अद्भुत नजारा (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 24 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:02 PM IST

देशभक्ति का असली जज्बा और रोंगटे खड़े कर देने वाला रोमांच देखना हो, तो भारत-पाकिस्तान की सीमा से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती. दरअसल, 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के मौके पर अमृतसर के पास अटारी-वाघा बॉर्डर का नजारा दुनिया भर में मशहूर होता है. यही वजह है कि हर साल हजारों भारतीय अपनी आंखों से बीएसएफ के जांबाज जवानों की 'बीटिंग रिट्रीट' सेरेमनी देखने पहुंचते हैं. इतना ही नहीं, इस साल 2026 में गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में इस समारोह की तैयारी बेहद खास है. तो चलिए जानते हैं, आप इस ऐतिहासिक पल के गवाह कैसे बन सकते हैं और यहां पहुंचने के लिए आपको किन बातों का ख्याल रखना होगा.

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वाघा बॉर्डर पर परेड और झंडा उतारने का यह भव्य समारोह साल 1959 से लगातार चला आ रहा है. दरअसल, यह कार्यक्रम सूर्यास्त से ठीक पहले शुरू होता है. आमतौर पर इसकी शुरुआत शाम 4:15 बजे के आसपास होती है और यह लगभग 45 से 60 मिनट तक चलता है. यही नहीं, गणतंत्र दिवस जैसे खास मौकों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों का सैलाब उमड़ पड़ता है. यही वजह है कि आप दोपहर 3:00 बजे तक हर हाल में बॉर्डर पहुंच जाएं. इसके अलावा, यह ध्यान रखें कि यहां बैठने के लिए कोई पहले से बुकिंग नहीं होती, बल्कि 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर सीटें मिलती हैं.

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एंट्री है बिल्कुल फ्री, नहीं लगता कोई टिकट

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सबसे अच्छी बात यह है कि सरहद पर होने वाले इस देशभक्ति के उत्सव को देखने के लिए आपको एक भी पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं है. दरअसल, वाघा बॉर्डर की सेरेमनी के लिए कोई टिकट नहीं लगता और एंट्री पूरी तरह फ्री है. इतना ही नहीं, विदेशी पर्यटकों के लिए यहां पासपोर्ट दिखाने पर अलग लाइन और जल्दी एंट्री की सुविधा भी दी जाती है. इसके अलावा, यदि आप अमृतसर से किसी गाइडेड टूर के जरिए आते हैं, तो आपको एंट्री गेट तक पहुंचने और वापस आने में काफी आसानी रहती है.

अमृतसर से वाघा बॉर्डर पहुंचने का आसान रास्ता

अटारी-वाघा बॉर्डर, अमृतसर के मुख्य शहर से लगभग 38-30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यही वजह है कि यहां पहुंचने के लिए सबसे आरामदायक जरिया निजी टैक्सी या कैब है, जिसका किराया लगभग 800 से 1500 रुपये के बीच हो सकता है. इसके अलावा, बजट में यात्रा करने वालों के लिए सरकारी और निजी बसें या साझा ऑटो-रिक्शा भी बेहतरीन विकल्प हैं. यही नहीं, 26 जनवरी के खास मौके पर अमृतसर के कई होटल और ट्रैवल एजेंसियां स्पेशल टूर पैकेज भी देती हैं, जो आपको सीधे सेरेमनी पॉइंट तक पहुंचाते हैं.

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सुरक्षा नियमों और पाबंदियों का रखें ध्यान

चूंकि यह एक संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय सीमा है, इसलिए यहां सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी होती है. सच तो यह है कि वाघा बॉर्डर पर पहुंचते ही आपको सख्त सुरक्षा जांच से गुजरना होगा. यही नहीं, आपको अपने साथ किसी भी तरह का बड़ा बैग, लाइटर, पावर बैंक, छाता या कोई भी नुकीली चीज ले जाने की अनुमति नहीं होगी. दरअसल, आप केवल अपना मोबाइल फोन, कैमरा, एक सरकारी पहचान पत्र (आईडी प्रूफ) और पानी की बोतल ही अंदर ले जा सकते हैं. यही वजह है कि कोशिश करें कि अपना भारी सामान होटल या गाड़ी में ही छोड़ दें, ताकि प्रवेश के समय आपको कोई परेशानी न हो.

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