इंडिया टुडे एजुकेशन कॉनक्लेव के दौरान भारत के एजुकेशन सिस्टम, ट्रेंड और चैलेंजेस को लेकर चर्चा की गई. इस दौरान एजुकेशन सेक्टर के बारे में बताने के लिए शिक्षाविद शामिल हुए. उन्होने मौजूदा एजुकेशन सिस्टम और उसमें आने वाली चुनौतियों के बारे में बताया और सॉल्यूशन पर बात की.
भारत के एजुकेशन सिस्टम में AI की भूमिका के बारे में बताने के लिए अमृता विश्व विद्यापीठम के स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के डीन प्रोफेसर कमल बिजलानी शामिल हुए.
शक्ति AI पर बोले प्रोफेसर बिजलानी
प्रोफेसर बिजलानी ने 'शक्ति AI' को लेकर बैनर तैयार करवाया. उन्होंने बताया कि बैनर के लिए इमेज Nano Banana से जनरेट की है, जो गूगल के जेमिनाई का इमेज जनरेशन टूल है. प्रोफेसर ने बताया कि कैसे AI Agents हमारी मदद करेंगे और शिक्षा में वह कैसे अहम साबित होंगे.
प्रोफेसर ने AI Agent का डेमो दिखाया
प्रोफेसर बिजलानी ने AI Agent का डेमो दिखाया कि कैसे AI डॉक्टर अपॉइंटमेंट लेने में मदद करता है. फोन कॉल पर AI Agents ने शख्स से उनकी तकलीफ, नाम, मोबाइल नंबर पूछा और डेटाबेस से सही डॉक्टर का नाम निकाला और कॉलर को बताया और अपॉइंटमेंट की डिटेल्स दी. यूजर्स द्वारा कंफर्म करने के बाद डॉक्टर अपॉइंटमेंट बुकिंग की गई.
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AI Agent स्टूडेंट की मदद कैसे करेगा?
प्रोफेसर कमल बिजलानी ने आगे बताया है कि भारत में AI एजेंट्स कैसे स्टूडेंट की मदद करेगा. उन्होंने बताया कि AI जानकारी देकर मदद कर सकता है और जरूरत स्टूडेंट तक का स्कोलरशिप की जानकारी पहुंचा सकता है. उन्होंने बताया कि कई एलिजिबिल स्टूडेंट को ये पता ही नहीं होता है कि उनको स्कोलरशिप कैसे और कहां से मिलेगी. AI इसमें भी मदद कर सकेगा.
AI Agents Tutor से स्टूडेंट को मदद मिलेगी
प्रोफेसर कमल बिजलानी ने आगे बताया कि कैसे AI Agents Tutor स्टूडेंट की मदद करेगा. उन्होंने एक लाइव डेमो भी दिखाया. उन्होंने AI Tutor से पूछा कि ओहम का नियम क्या होता है. इसके बाद AI Agents ने तीन तरीके से ओहम का नियम को समझाने की कोशिश की है.
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AI Voice Agents की पॉपुलैरिटी बढ़ेगी
प्रोफेसर कमल बिजलानी ने AI Voice Agents को लेकर मेंशन किया कि आने वाले दिनों में वॉयस एजेंट्स भी पॉपुलर होंगे. वॉयस एजेंट्स को प्रॉम्प्ट बोलकर ही दिया जा सकता है. इससे लिए टाइपिंग करने की जरूरत नहीं होती है.
AI Agents में शामिल होंगी और भारतीय भाषाएं
प्रोफेसर बिजलानी ने बताया कि आने वाले दिनों में AI Agnets भारत की लगभग सभी भाषाओं के सपोर्ट के साथ आएंगे. इससे इसका रीजनल लेवल पर भी विस्तार होगा और हर एक शख्स तक इसका एक्सेस पहुंचेगा.
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