कौन हैं दक्षिणेश्वर सुरेश? जो बने भारतीय टेनिस की नई सनसनी, डेविस कप में टीम को दिलाई ऐतिहासिक जीत

भारतीय टीम ने डेविस कप में बड़ा उलटफेर करते हुए वर्ल्ड नंबर-6 नीदरलैंड्स को पराजित किया. भारतीय टीम की जीत के हीरो दक्षिणेश्वर सुरेश रहे, जो 'डीके' के नाम से फेमस हैं. सुरेश इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद सुर्खियों में आ गए हैं.

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दक्षिणेश्वर सुरेश ने डेविस कप में शानदार खेल दिखाया. (Photo: PTI) दक्षिणेश्वर सुरेश ने डेविस कप में शानदार खेल दिखाया. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • बेंगलुरु,
  • 09 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:47 PM IST

भारतीय टेनिस के उभरते सितारे दक्षिणेश्वर सुरेश ने डेविस कप में ऐसा कमाल कर दिया, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है. बेंगलुरु में आयोजित नीदरलैंड्स के खिलाफ वर्ल्ड ग्रुप-I मुकाबले में इस 25 वर्षीय खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 3-2 से जीत दिलाई. नीदरलैंड्स के खिलाफ ये जीत ऐतिहासिक रही क्योंकि डच टीम की वर्ल्ड रैंकिंग 6 है, जबकि भारत 33वें नंबर पर है, इस जीत के बाद सुरेश मौजूदा भारतीय टेनिस के सबसे बड़े हीरो बनकर उभरे हैं.

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शुरुआत में दक्षिणेश्वर सुरेश को इस मुकाबले का मुख्य चेहरा नहीं माना जा रहा था, लेकिन रविवार तक आते-आते उन्होंने पूरी कहानी बदल दी. ‘डीके’ के नाम से मशहूर सुरेश ने अपने खेले तीनों मुकाबले जीते. उन्होंने दोनों सिंगल्स मैच तो अपने नाम किए ही, साथ ही युकी भांबरी के साथ डबल्स मुकाबला भी जीता.

उनके इस प्रदर्शन ने भारत को डेविस कप के क्वालिफायर राउंड-2 में पहुंचा दिया. यह नए डेविस कप फॉर्मेट में टीम की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. सीरीज का सबसे अहम पल निर्णायक पांचवें मुकाबले में आया, जहां दक्षिणेश्वर सुरेश ने गाय डी ओडेन को 6-4, 7-6(4) से हराकर भारत की जीत पक्की की. आखिरी शॉट के बाद वे कोर्ट पर ही लेट गए और फिर साथियों ने उन्हें घेरकर जश्न मनाया.

दक्षिणेश्वर सुरेश कौन हैं?
तमिलनाडु के मदुरै से आने वाले 6 फीट 5 इंच लंबे दक्षिणेश्वर सुरेश आधुनिक पावर-बेसलाइनर खिलाड़ी हैं. उनका खेल तेज सर्विस, दमदार फोरहैंड और बेसलाइन से रैलियों पर नियंत्रण बनाने पर आधारित है. पारंपरिक भारतीय 'वॉली' स्टाइल से अलग उनका आक्रामक अंदाज उन्हें खास बनाता है. उनका टेनिस सफर अमेरिकी कॉलेज सिस्टम से होकर गुजरा. उन्होंने जॉर्जिया ग्विनेट कॉलेज में कई एनएआईए खिताब जीते और बाद में वेक फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी में एनसीएए डिवीजन-I टेनिस खेलते हुए ऑल-अमेरिकन सम्मान हासिल किया.

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कॉलेज टेनिस के कठिन माहौल ने उनके मानसिक संतुलन और फिटनेस को मजबूत बनाया, जिसका फायदा डेविस कप में साफ नजर आया. 2025 के आखिर और 2026 की शुरुआत दक्षिणेश्वर सुरेश के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई. बेंगलुरु ओपन में उन्होंने कई बड़े उलटफेर किए और ऊंची रैंकिंग वाले खिलाड़ियों को हराया. जनवरी 2026 में उनकी रैंकिंग दुनिया में 460 के आसपास पहुंच गई. उनके शानदार प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें 2025 में ITD मेल प्लेयर ऑफ द ईयर भी चुना गया.

अब नीदरलैंड्स के खिलाफ डेविस कप में तीन मैच जीतकर उन्होंने खुद को भारतीय टेनिस के नए स्टार के रूप में स्थापित कर दिया है. भारत की इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को और बढ़ाया है और फैन्स को एक नया नाम मिल गया है, जिस पर आने वाले वर्षों में सबकी नजर रहने वाली है.

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