आईपीएल का 10वां सीजन खत्म होने को है. इन 10 सालों में कई क्रिकेटर्स अपने देश के इंटरनेशनल टीम का हिस्सा बने. वहीं, कई दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद गुमनामी के अंधेरे में खो गए. लेकिन आईपीएल 2009 में राजस्थान रॉयल्स में डेब्यू करने वाले तेज गेंदबाज कामरान खान की कहानी इन सबसे अलग है.
24 साल के क्रिकेटर कमरान खान को ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर शेन वार्न ने खोजा था. आईपीएल के 2009 सीजन में 11 विकेट लेकर सबको चौंका दिया था. इनमें सौरभ गांगुली, क्रिस गेल और सौरव गांगुली के विकेट शामिल थे. लेकिन आज ये क्रिकेटर खेतों में काम करने को मजबूर है.
लेकिन तीन साल के अंदर ही 140 किमी प्रति घंटा गेंद फेंकने वाले कामरान का बड़ा क्रिकेटर बनने का सपना टूट गया. दरअसल कामरान के बॉलिंग एक्शन को लेकर सवाल उठने
लगे. इसके बाद बॉलिंग एक्शन को रिपोर्ट कर दिया गया. इससे उनका एक्शन चेंज हो गया.
कामरान को आखिरी बार 2011 में पुणे वॉरियर्स ने अपने टीम में लिया. लेकिन वहां इंजरी होने के बाद आगे के आईपीएल में किसी फ्रेंचाइजी ने अपने टीम में नहीं लिया. हालांकि कामरान अभी भी वापसी की कोशिश कर रहे हैं.
बता दें कि कामरान के पिता टैक्सी ड्राइवर थे लेकिन फैंफड़े की बीमारी के चलते वे ज्यादातर समय बिस्तर में ही रहते थे. वहीं, उनकी मां बीड़ी बनाने का काम करती थी. गरीबी के कारण कामरान खाना नहीं खरीद सकते थे, इसके चलते चाय और बिस्किट से ही पेट भरते थे.
कामरान ने क्रिकेट के चलते अपना स्कूल तक छोड़ दिया. वह अपने गांव के ही रहने वाले नौशाद खान के साथ मुंबई आ गए थे. यहां पर एक टी20 टूर्नामेंट के दौरान राजस्थान टीम के डायरेक्टर डैरेन बैरी उनसे प्रभावित हुए थे.
कामरान कभी रेलवे प्लेटफॉर्म पर सोते थे और बिना प्रथम श्रेणी मैच खेले उन्हें आईपीएल खेलने का मौका मिल गया. खुद शेन वार्न ने कामरान को मैच में उतारने से पहले कहा था कि हम क्रिकेट को एक नया सितारा देने जा रहे हैं. हम सोच रहे हैं कि उसे क्या नाम दें, वाइल्ड थिंग या टोरनेडो.
यही नहीं कामरान ने आईपीएल इतिहास का पहला सुपर ओवर भी डाला था. इस सुपर ओवर में क्रिस गेल का विकेट लिया और अपनी टीम को जीत दिलाई. लेकिन चेन्नई के खिलाफ मैच में अंपायर रूडी कर्टजन ने कामरान के एक्शन की शिकायत की. इसके बाद कामरान को दो हफ्ते के लिए एक्शन सुधारने को भेजा गया.
साल 2010 आईपीएल के बाद रॉयल्स ने कामरान को रीलिज कर दिया. साल 2011 में पुणे की टीम ने कामरान को खरीदा था. उन्होंने केवल एक मैच खेला. यही नहीं आईपीएल डेब्यू के पांच साल पहले उनके पिता की मौत हो गई और इसके तीन साल बाद मां भी चल बसी.
अपने गांव में खेतों में काम कर रहे कमरान कहते हैं कि मैं सुबह और शाम को प्रेक्टिस करता हूं और दिन में भाई के खेत पर काम करता हूं. वहीं, उनके मेंटर शेन वार्न को जब इस बारे में पता लगा, उन्होंने ट्वीट कर कहा था- मेरे हिसाब से एक टैलेंट को बर्बाद किया जा रहा है, उम्मीद है तुम ठीक होगे दोस्त.