साल 2018 की बात है, एशियन गेम्स इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में हो रहे थे. विनेश फोगाट तब भी 50 किग्रा फ्रीस्टाइल रेसलिंग इवेंट में हिस्सा ले रही थीं. जकार्ता एशियन गेम्स में पहली बाउट से पहले विनेश का वजन साढ़े 3 किलोग्राम बढ़ गया था. ठीक वैसा ही जैसा पेरिस ओलंपिक के फाइनल मुकाबले के दौरान उनके साथ हुआ. लेकिन तब उनके तत्कालीन कोच ने एसी बंद करवाकर उनको कंबल ओढ़ाया और कुश्ती हॉल के अंदर ही दौड़ाया, नतीजतन तब विनेश ने गोल्ड मेडल झटका था.
विनेश फोगाट के साथ बढ़ा वजन पहली बार मुसीबत नहीं बना है, 6 साल पहले यानी 2018 में जकार्ता एशियन गेम्स के दौरान भी उनके साथ ऐसा ही कुछ हुआ था. विनेश का जकार्ता एशियन गेम्स के दौरान वजन बढ़ गया था. विनेश का पहली बाउट से ठीक एक दिन पहले उनका वजन करीब साढ़े तीन किलो तक हो गया था.
जैसे ही यह जानकारी उनके तब के कोच कुलदीप मलिक को पता चली तो वह परेशान हो गए, उन्होंने सोचा कि आखिर इतना ज्यादा वजन कैसे कम किया जाए. जब जकार्ता में यह गेम्स चल रहे थे तो गर्मी भी इतनी ज्यादा नहीं थी कि उनको दौड़ा दिया जाए, ताकि उससे पसीना निकले और वजन पर असर पड़े.
फिर कोच कुलदीप मलिक ने जकार्ता एशियन गेम्स के आयोजकों से कहा कि कुश्ती हॉल का एसी बंद करवा दिया जाए. मलिक ने बंद हॉल में विनेश को कंबल ओढ़वाकर कई घंटे चक्कर लगाए, इसके बाद विनेश का वजन काबू में आया और उन्होंने तब इस कैटगरी में बाद में गोल्ड मेडल जीता था. अगर पहली बाउट के दौरान ही उनका वजन कंट्रोल नहीं होता तो शायद विनेश के नाम एक और मेडल नहीं होता.
वैसे विनेश ने पेरिस ओलंपिक में अयोग्य साबित होने के बाद कुश्ती से रिटायरमेंट लेने का फैसला कर लिया है. उन्होंने एक भावुक पोस्ट में इस बात का ऐलान किया. विनेश ने अपने पोस्ट में लिखा- मां कुश्ती मेरे से जीत गई मैं हार गई माफ करना आपका सपना मेरी हिम्मत सब टूट चुके इससे ज्यादा ताकत नहीं रही अब. अलविदा कुश्ती 2001-2024. उन्होंने माफी मांगते हुए कहा कि आप सबकी हमेशा ऋणी रहूंगी.'
विनेश फोगाट के नाम है ये खिताब और मेडल
29 साल की विनेश फोगाट ने सबसे पहले जूनियर लेवल पर 2013 में यानी 18 साल की उम्र में मेडल जीता था. उन्होंने कॉमनवेल्थ में मेडल्स की हैट्रिक भी जड़ी है.
वर्ल्ड चैम्पियनशिप
कांस्य पदक - 2022 बेलग्रेड-53 किग्रा
कांस्य पदक - 2019 नूर-सुल्तान 53 किग्रा
एशियन गेम्स
स्वर्ण पदक- 2018 जकार्ता-50 किग्रा
कांस्य पदक- 2014 इंचियोन- 48 किग्रा
कॉमनवेल्थ गेम्स
स्वर्ण पदक - 2014 ग्लासगो- 48 किग्रा
स्वर्ण पदक - 2018 गोल्ड कोस्ट-50 किग्रा
स्वर्ण पदक - 2022 बर्मिंघम-53 किग्रा
एशियन चैंपियनशिप
स्वर्ण पदक - 2021 अल्माटी- 53 किग्रा
रजत पदक - 2015 दोहा- 48 किग्रा
रजत पदक - 2017 नई दिल्ली- 55 किग्रा
रजत पदक - 2018 बिश्केक-50 किग्रा
कांस्य पदक - 2013 नई दिल्ली- 51 किग्रा
कांस्य पदक - 2016 बैंकॉक- 53 किग्रा
कांस्य पदक – 2019 शीआन-53 किग्रा
कांस्य पदक – 2020 नई दिल्ली- 53 किग्रा
यूथ रेसलिंग चैम्पियनशिप
रजत पदक – 2013 जोहान्सबर्ग- 51 किग्रा
अगर विनेश अयोग्य साबित नहीं होतीं तो...
स्टार रेसलर विनेश फोगाट अगर अयोग्य साबित नहीं होतीं तो उनका मुकाबला अमेरिका (USA) की पहलवान से होना था. ऐसे में फोगाट के फाइनल में पहुंचने के बाद यह माना जा रहा था कि वह गोल्ड मेडल जीत लेंगी. विनेश ने मंगलवार को महिला 50 किग्रा फ्रीस्टाइल इवेंट के सेमीफाइनल में क्यूबा की रेसलर युसनेइलिस गुजमैन (Yusneylys Guzman) को 5-0 से करारी शिकस्त दी थी. विनेश का फाइनल बुधवार (7 अगस्त) को यूएसए की एन सारा हिल्डेब्रांट से होना था. इससे पहले उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में 50 किग्रा में ओलंपिक चैम्पियन और चार बार की विश्व चैम्पियन युई सुसाकी को हराया था.
विनेश की वजन कम करने की कोशिश हुईं फेल
विनेश का वजन मंगलवार रात (6 अगस्त) को 52 किलो था, उन्होंने साइक्लिंग, स्किपिंग आदि करके उसका वजन कम करने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सकीं. गगन नारंग, दिनशॉ पारदीवाला, उनके पति, फिजियो, मेडिकल स्टाफ, आईओए अधिकारी, भारत में मौजूद लोग ओजीक्यू (ओलंपिक गोल्ड क्वसेट) ने उनका वजन कम करने के लिए रात भर काम किया.
डॉ पारदीवाला ने यहां तक कहा कि हम उनकी जान को खतरे में नहीं डाल सकते हैं. मीडिया रिपोर्टों में यह जानकारी भी सामने आई है कि उन्होंने हर संभव कोशिश की. विनेश दर्द से कराह रही थी, क्योंकि उसका शरीर टूट रहा था, उन्होंने आखिरी कोशिश के तौर पर सॉना के लिए गईं. इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिस पर उनको पेरिस में ही ओलंपिक विलेज पॉलीक्लिनिक में भर्ती किया गया. वह 50 किलोग्राम रेसलिंग के फाइनल में पहुंची थी. इवेंट के दूसरे दिन 50 किलोग्राम वर्ग में विनेश का वजन 100 ग्राम ज्यादा पाया गया था.
Krishan Kumar / नितिन कुमार श्रीवास्तव