सोमवार की शाम RCB के लिए यादगार बन गई. गौतमी नाइक ने ऐसा अर्धशतक ठोका जिसने सिर्फ स्कोरबोर्ड नहीं बदला, बल्कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के सीजन का रंग ही बदल दिया. गुजरात जायंट्स पर 61 रनों की भारी जीत के साथ RCB ने न सिर्फ लगातार पांचवीं जीत हासिल की, बल्कि नॉकआउट में कदम रखने वाली टूर्नामेंट की पहली टीम भी बन गई- वो भी बिना एक भी हार के.
शुरुआत में हालात आसान नहीं थे. दो विकेट नौ पर गिर जाने के बाद ड्रेसिंग रूम में बेचैनी थी, मैदान पर खामोशी. ऐसे वक्त में नाइक ने बल्ला नहीं, हिम्मत उठाई. एक-एक रन जोड़ते हुए उन्होंने टीम को 178/6 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया. बीच में स्मृति मंधाना का स्टाइलिश 26, ऋचा घोष के तीन तगड़े छक्के और आखिर में राधा यादव का छोटा सा पर असरदार कैमियो—सबने इस कहानी में अपना रंग भरा.
लक्ष्य का पीछा करते हुए गुजरात की पारी कभी खड़ी ही नहीं हो पाई. शुरुआत में विकेटों की जो गिरावट हुई, उसने उनके चेहरों से भरोसा और दर्शकों से उम्मीद दोनों छीन ली. कप्तान एशले गार्डनर संघर्ष करती रहीं, अर्धशतक तक पहुंचीं, लेकिन 54(43) की वो मेहनत टीम को मंजिल तक नहीं ले जा सकी.
और फिर गेंदबाजी… सयाली सतघरे की आँखों में आत्मविश्वास और हाथ में सटीक लाइन- 3/21 सिर्फ आंकड़ा नहीं, फॉर्म की कहानी है. नादिन डी क्लर्क का 2/17 भी उतना ही मूल्यवान, जितनी ड्रेसिंग रूम की तालियां.
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