Rohit Sharma Ishan Kishan: भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ खेली जा ही तीन मैचों की घरेलू वनडे सीरीज पर 2-0 से कब्जा जमा लिया है. दूसरा मैच कोलकाता में गुरुवार (12 जनवरी) को खेला गया, जिसमें टीम इंडिया ने 4 विकेट से जीत दर्ज की. इस मैच में केएल राहुल ने नाबाद 64 रनों की पारी खेली और टीम को जीत दिलाई.
श्रीलंका के खिलाफ शुरुआती दोनों वनडे मैचों में विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव को मौका नहीं दिया गया. जबकि ईशान ने इससे ठीक पहले बांग्लादेश दौरे पर वनडे में दोहरा शतक जमाकर इतिहास रचा था.
ईशान को अब भी करना होगा मौके का इंतजार
ईशान को टीम से बाहर करने पर कप्तान रोहित शर्मा और टीम मैनेजमेंट को आलोचनाओं का शिकार होना पड़ रहा है. रोहित ने ईशान की जगह ओपनिंग में शुभमन गिल को मौका दिया. अब दूसरा वनडे मैच जीतने के बाद रोहित ने अपने बयान में साफ कर दिया है कि ईशान को अब भी और इंतजार करना होगा.
भारतीय वनडे टीम में इस समय टॉप-6 बल्लेबाज दाएं हाथ वाले ही हैं. यह प्लेयर रोहित शर्मा, शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल और हार्दिक पंड्या हैं. इसके 7वें नंबर पर बाएं हाथ के बल्लेबाज और स्पिन ऑलराउंडर अक्षर पटेल आ रहे हैं. ऐसे में ईशान किशन को मौका देने और टीम के टॉप ऑर्डर में बाएं हाथ के बल्लेबाज को लेकर लेकर रोहित ने बड़ा बयान दिया है.
डबल सेंचुरी लगाने के बाद भी ईशान बाहर
रोहित ने कहा कि टॉप ऑर्डर में बाएं हाथ का बल्लेबाज होना अच्छी बात है, लेकिन जिन खिलाड़ियों ने पिछले कुछ समय में अच्छा प्रदर्शन किया है, उन्हें तो बाहर नहीं कर सकते हैं. कप्तान के इस बयान से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ईशान को अब भी अपने मौके का इंतजार करना होगा. ईशान ने पिछला वनडे मैच बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव में खेला था, जिसमें 131 बॉल पर 210 रनों की पारी खेली थी. जबकि सूर्या ने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ ही टी20 में शतक लगाया था.
टीम में खेल रहे खिलाड़ियों से खुश हैं रोहित
कप्तान रोहित ने कहा, 'टॉप ऑर्डर में एक लेफ्ट हैंडर बैटर का होना अच्छा है, लेकिन जिन खिलाड़ियों को मौका दिया जा रहा है, उन्होंने पिछले एक साल में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. एक आदर्श के रूप में देखा जाए तो हम एक बाएं हाथ का बल्लेबाज रखना चाहेंगे, मगर हमें अपने राइट हैंडर बैटर्स की काबिलियत के बारे में भी पता है और हम इस समय उनके साथ कम्फर्टेबल भी हैं.' रोहित ने यहां तक कहा कि जो दाएं हाथ के प्लेयर टीम में खेल रहे हैं उनमें दबाव झेलने की काबिलियत है और वह बेहतर भी कर रहे हैं.
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