साउथ अफ्रीका की जमीन पर टीम इंडिया इतिहास रच सकती है. भारत ने जोहानिसबर्ग टेस्ट को जीतने के लिए दक्षिण अफ्रीका को 240 रनों का लक्ष्य दिया है. दूसरी पारी में चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे के दम पर टीम इंडिया ये लक्ष्य खड़ा कर पाने में सफल हो सकी. लेकिन खास बात ये है कि इस मैदान पर अभी तक साउथ अफ्रीका ने कभी इतने बड़े टारगेट का पीछा नहीं किया है.
पहली पारी में 202 पर सिमटने के बाद टीम इंडिया ने दूसरी पारी में 266 रन बनाए. साउथ अफ्रीका की पहली पारी 229 पर सिमट गई थी, ऐसे में अब मेजबान टीम के लिए ये मैच जीतने के लिए 240 रनों का टारगेट है.
जोहानिसबर्ग के वांडरर्स मैदान पर साउथ अफ्रीका की टीम कभी भी 220 से ज्यादा रन चेज़ नहीं कर पाई है. ऐसे में इस नई टीम के सामने ये चुनौती होगी कि इस रिकॉर्ड को तोड़ें. अगर साउथ अफ्रीका को ये मैच जीतना है, तो इतिहास रचना होगा.
क्योंकि अभी मैच में दो दिन का खेल बाकी है और जिस तरह से पिच बर्ताव कर रही है उसके हिसाब से टीम इंडिया की जीत निश्चित नज़र आ रही है.
हालांकि, ऐसा नहीं है कि इस मैदान पर कभी इतना स्कोर चेज़ ही नहीं हुआ है. साल 2011 में इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने 310 का टारगेट हासिल किया था, इसके अलावा 2006 में भी कंगारू टीम ने 294 रन बनाए थे. लेकिन साउथ अफ्रीका अभी तक चौथी पारी में सर्वाधिक 220 रन ही चेज़ कर पाई है. साउथ अफ्रीका ने ऐसा साल 2006 में किया था, जब उसने न्यूजीलैंड को मात दी थी.
मौजूदा पिच के हालात दिखाते हैं कि टीम इंडिया के पास यहां पर इतिहास रचने का मौका है. भारत पहले ही 1-0 से सीरीज में आगे चल रहा है, ऐसे में अगर यहां मैच जीतता है तो सीरीज भी अपने नाम होगी. जो अभी तक कभी नहीं हुआ है.
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