रैना ने अपने प्रदर्शन से दिया ज्ञापन, बल्ले को चाहिए विज्ञापन

रैना केपटाउन के मैदान पर जिस बल्ले से टीम की जीत की कहानी लिख रहे थे वही बल्ला एक अदद स्टिकर को तरस रहा है.

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सुरेश रैना सुरेश रैना

जावेद अख़्तर / अनुग्रह मिश्र

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  • 25 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 2:50 PM IST

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच केपटाउन में खेले गए तीसरे और निर्णायक टी-20 मैच में भारतीय टीम ने 7 रन से जीत दर्ज की है. सुरेश रैना ने एक बार फिर ये साबित कर दिया कि वह टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं. रैना ने सीरीज के तीनों मैचों में परफॉर्म किया और इस निर्णयक मैच में ताबड़तोड़ 43 रनों की अहम पारी खेली.

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दिलचस्प बात ये है कि रैना केपटाउन के मैदान पर जिस बल्ले से टीम की जीत की कहानी लिख रहे थे वही बल्ला एक अदद स्टिकर को तरस रहा है. बिना विज्ञापन स्टिकर वाला ये बल्ला रैना को जरूर याद दिला रहा होगा कि अब क्रिकेट में उनका जलवा पहले जैसा नहीं है.

आम तौर पर क्रिकेट में सपाट बल्ले से पुछल्ले बल्लेबाज या नए खिलाड़ी खेलते हैं क्योंकि उनका कोई खास बैटिंग करियर नहीं होता और विज्ञापन कंपनियों को उनके बल्ले पर स्टिकर दिखाने से कोई मुनाफा नहीं मिलता है. लेकिन रैना सरीखे बल्लेबाज को, जो नंबर 3 पर टीम इंडिया में खेल रहा है बिना स्टिकर के बल्ले से खेलते देखना थोड़ा अचंभित करने वाला है. उम्मीद यही है कि सीरीज के बाद रैना के बल्ले पर किसी बड़े ब्रांड का स्टिकर देखने को मिले और वह अपने प्रदर्शन से इस बात की पूरी दावेदारी भी पेश कर रहे हैं.

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इस पूरी T20 सीरीज में सुरेश रैना ने सबका ध्यान खींचा है. सुरेश रैना ने इस निर्णायक मैच में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 27 गेंदों में 43 रन की बहुमूल्य पारी खेली. साथ ही उन्होंने इस मैच में 1 विकेट भी लिया. इससे पहले खेले गए दो मैचों में भी रैना ने शानदार प्रदर्शन किया है. पहले टी-20 मैच में रैना ने बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 7 गेंदों में 15 रनों की पारी खेली जबकि दूसरे मैच में रैना ने 24 गेंदों में 30 रन बनाए. हालांकि दूसरे मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा था.

करीब डेढ़ साल से वनडे टीम में अपनी वापसी का इंतजार कर रहे रैना के लिए शायद यह T20 सीरीज नए दरवाजे खोल सकती है. टी-20 टीम में चयन से पहले भी रैना ने उम्मीद जताई थी कि वह 2019 का वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं क्योंकि यह वर्ल्ड कप इंग्लैंड में होने वाला है और वहां रैना का रिकॉर्ड काफी बेहतर रहा है.

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