इंग्लैंड में होने वाले आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 के लिए टीम इंडिया को सबसे प्रबल दावेदारों में से एक माना जा रहा है. टीम इंडिया के खिलाड़ियों प्रदर्श के आधार पर कई दिग्गज यह बात स्वीकर कर चुके हैं. कागज पर मजबूत दिख रही वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई कोहली की टीम इंडिया सबसे फिट मानी जाती है. लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि पाकिस्तान की टीम ने फिटनेस के मामले में टीम इंडिया को पछाड़ दिया है.
पाकिस्तान के कोच द्वारा किए गए खुलासे के बाद यह बात सामने आई है. पाकिस्तान के फिटनेस कोच ग्रान लुडेन ने आईसीसी से बातचीत में इस बात का खुलासा किया कि उनकी टीम के खिलाड़ियों ने पुरानी धारणा को बदल दिया है. उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने फिटनेस के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है.
बता दें कि किसी भी क्रिकेट टीम की फिटनेस यो-यो टेस्ट से आंकी जाती है. पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कोच ग्रान लुडेन ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने यो-यो टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया है. बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान के खिलाड़ियों को लेकर एक प्रकार की धारणा बनी हुई थी कि उनके खिलाड़ी फिट नहीं होते, चुस्त-दुरुस्त नहीं होते. लेकिन कोच के खुलासे ने इस धारणा को न सिर्फ बदला है बल्कि टीम इंडिया को फिटनेस के मामले में पीछे छोड़ दिया है.
भारत की सीनियर और ए टीम के लिए यो-यो टेस्ट को पास करने के लिए मौजूदा मानक 16.1 है. जबकि, पाकिस्तान की टीम के लिए यो-यो टेस्ट को पास करने का मानक 18:1 हो गया है. ऐसे में पाकिस्तान की टीम कोहली की टीम इंडिया से बहुत आगे निकल चुकी है. पाकिस्तान के कोच के मुताबिक पहले पाकिस्तानी खिलाड़ियों को यो यो टेस्ट पास करने के लिए 17:1 का स्कोर करना पड़ता था, जो बाद में 17:4 हुआ और अब 18:1 हो गया है.
भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों की बात करें तो पाकिस्तान क्रिकेट टीम के 26 वर्षीय खिलाड़ी मोहम्मद रिजवान ने यो-यो टेस्ट में 21 का स्कोर प्राप्त किया है. वहीं, 24 वर्षीय तेज गेंदबाज हसन अली का यो-यो टेस्ट में स्कोर 20 है. वहीं, वनडे क्रिकेट में दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज और टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली का यो-यो टेस्ट का स्कोर 19 है. कोहली टीम में सबसे फिट खिलाड़ी माने जाते हैं.
किस टीम के लिए कितने अंक अनिवार्य?
यो-यो टेस्ट के मामले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा अंक लाना पड़ता है, क्योंकि वहां इस टेस्ट के लिए 20.1 अंक लाना अनिवार्य है. ऑस्ट्रेलिया के बाद यो-यो टेस्ट के स्कोर के मामले में वेस्टइंडीज, इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड की टीम का नंबर आता है जिनके खिलड़ियों को टेस्ट में 19 अंक को छूना पड़ता है. इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों को 18 अंक, श्रीलंका के खिलाड़ियों को 17.4 अंक, पाकिस्तान के खिलाड़ियों को 17.4 अंक और भारतीय खिलाड़ियों को 16.1 अंक लाना अनिवार्य है.
आखिर क्या है यो-यो टेस्ट..?
अब जरा 'यो-यो' परीक्षण को भी समझ लें. कई 'कोन' की मदद से 20 मीटर की दूरी पर दो पंक्तियां बनाई जाती हैं. एक खिलाड़ी रेखा के पीछे अपना पांव रखकर शुरुआत करता है और निर्देश मिलते ही दौड़ना शुरू करता है. खिलाड़ी लगातार दो लाइनों के बीच दौड़ता है और जब बीप बजती है, तो उसे मुड़ना होता है.
हर एक मिनट या इसी तरह से तेजी बढ़ती जाती है. अगर समय पर रेखा तक नहीं पहुंचे तो दो और 'बीप' के अंतर्गत तेजी पकड़नी पड़ती है. अगर खिलाड़ी दो छोरों पर तेजी हासिल नहीं कर पाता है तो परीक्षण रोक दिया जाता है. यह पूरी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर पर आधारित है, जिसमें नतीजे रिकॉर्ड किए जाते हैं.