युवराज सिंह क्रिकेट के चाहने वालों के लिए हीरो हैं लेकिन अपने कोच की नजर में वह एक लेजेंड हैं. युवराज को क्रिकेट की बारीकियां सिखाने वाले कोच सुखविंदर बावा मानते हैं कि एक दिन पहले क्रिकेट को अलविदा कहने वाले युवराज सही मायने में लेजेंड हैं क्योंकि उन्होंने क्रिकेट जगत का सबसे बड़ा कमबैक (वापसी) किया है.
जब भी युवराज का नाम जेहन में आता है तो स्टुअर्ट ब्रॉड पर लगाए गए छह छक्के याद आ जाते हैं. कोच के मुताबिक युवी की कई ऐसी परियां हैं जो बेमिसाल रहीं लेकिन कूच बिहार ट्रॉफी में खेली गई 358 रनों की पारी और युवी का लाहौर में टेस्ट शतक उनके लिए सभी पारियों से ऊपर हैं.
कोच ने कहा, 'उसने बहुत बड़ी-बड़ी पारियां खेलीं, लेकिन मैं एक पारी का जिक्र करूंगा. एमएस धोनी फिल्म में भी उस पारी का जिक्र है. उसने मुझसे वादा करके अकेले 358 रन बनाए थे. मैं उस समय पंजाब की टीम का कोच था. चार दिवसीय मैच जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम में हो रहा था.' हालांकि, इस पारी को लेकर बवाल मच गया था.
उन्होंने कहा, 'इस मैच में उसने ढाई दिन बल्लेबाजी की, उसमें से डेढ़ दिन मैं साइट स्क्रीन के पास खड़ा होकर उसे समझता रहा कि खेलता रहे. ऊंचा नहीं मारे. मेरी नजर में वो पारी उसकी सबसे बेहतरीन पारी है. इसके अलावा उसका लाहौर में पाकिस्तान में टेस्ट शतक. इत्तेफाक की बात है कि मैं वहां भी था. मुझे यह दो पारियां बहुत पसंद हैं.'