दिनेश शर्मा का कहना है कि बहुत से ऐसे लोग होते हैं जिनकी चुनावी सुरक्षा के प्रति लगाव होता है. उनमें से कई सरकारी नौकरी छोड़ कर किसी कारण या बहाने से राजनीति के मैदान में उतर जाते हैं और खुद को नेता के रूप में पेश करना चाहते हैं. मुझे नहीं पता कि इस मामले में वास्तविक स्थिति क्या थी और किसने क्या बयान दिया है. ऐसे कई लोग होते हैं जिनके पास बड़ी संपत्ति होती है पर वे राजनीति में भाग लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं. राजनीति में प्रवेश करने वालों के लिए यह एक सामान्य प्रक्रिया लगती है जिसमें वे अपने लिए मौका तलाशते हैं और अपनी पहचान बनाना चाहते हैं. वास्तविक कारण चाहे जो भी हो, यह प्रक्रिया आमतौर पर चुनावी प्रतिस्पर्धा और प्रभाव के लिए होती है.