उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बिहार की लोकसभा सीटों की संख्या पर कांग्रेस द्वारा पुराने व्यवस्था में किए गए बदलाव का गहरा प्रभाव हुआ। यदि यह बदलाव न किया गया होता, तो दो हज़ार ग्यारह की जनगणना के आधार पर बिहार के लोकसभा क्षेत्र चालीस की बजाय साठ होते। इस बदलाव से बिहार को काफी घाटा हुआ है।