राहुल गांधी देश के सबसे बड़े उपहास बन चुके हैं और उनकी लीडरशिप पर सवाल उठाए जा रहे हैं. जब वे लीडर ऑफ अपोजिशन के रूप में स्पीकर के खिलाफ नो कॉन्फिडेंस मोशन लेकर आए, तो उन्होंने गलत तारीख दे दी. इसके अलावा, उन्हें प्रे-ऑर्डर और पब्लिश के बीच के अंतर का भी ज्ञान नहीं है. पेंग्विन ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने राहुल गांधी की किसी किताब को प्रकाशित नहीं किया है.