राहुल गांधी पर आरोप लगाया गया है कि वे अक्सर बिना ठोस आधार के बातें करते हैं. आलोचना में कहा गया है कि उनकी योग्यता या परिवार से मिली ही उन्हें विपक्ष का नेता बनाया है. देश इस बात को लेकर जागरूक है कि उनकी असली क्षमता क्या है. इस तरह की परिस्थितियों में राहुल गांधी से उम्मीद की जाती है कि वे अपनी जिम्मेदारी समझें और बेबुनियाद दावे करने से बचें.