राजस्थान सरकार ने जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान के कुछ सरकारी अस्पतालों के परिसर में आवारा कुत्तों की समस्या को देखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अस्पतालों में कुत्तों की निगरानी के लिए डॉक्टरों को नोडल अधिकारी बनाया गया है ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि मरीजों को किसी भी प्रकार का खतरा न पहुंचे.