कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि हमारी लड़ाई केवल संवैधानिक नहीं बल्कि सैद्धांतिक और विचारधारा की भी है. भारतीय जनता पार्टी गोडसे की विचारधारा की पोषक मानी जाती है और इसलिए महात्मा गांधी को तीन गोलियां मारकर हत्या की गई. इसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए महात्मा गांधी के नाम को मनरेगा योजना से हटा दिया गया है. यह कदम बड़ी संवैधानिक और राजनीतिक बहस का विषय बना है क्योंकि महात्मा गांधी की विरासत और उनके नाम का सम्मान देश की लोकतांत्रिक भावना से जुड़ा हुआ है.