प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मुख्यालय में भाषण के दौरान बताया कि माताओं और बहनों के पानी के लिए संघर्ष की व्यथा उन्होनें देखी है. साथ ही बताया कि उन्होनें गुजरात में इस समस्या को करीब से देखा. वहाँ पानी की कमी इतनी थी कि लोगों को नहाने के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं था.