मनरेगा और आवास योजना के तहत फर्जी जॉब कार्ड मिलने के आरोपों के कारण फंड रोके जाने का मुद्दा सामने आया है. दावा किया जा रहा है कि लगभग पच्चीस लाख फर्जी जॉब कार्ड पाए गए हैं, जिस वजह से पैसे जारी नहीं किए जा रहे हैं. मनरेगा का लगभग बावन हजार करोड़ रुपए का पैसा बकाया है.