जब मैंने राजनीति से बाहर निकलने का निर्णय लिया, तो मैंने सोचा कि मेरी प्रतिस्पर्धा या किसी भी प्रकार की ईर्ष्या से किसी को तकलीफ न हो. खासकर बच्चों के लिए यह जरूरी था. इसलिए मैंने राजनीति से दूर होकर खुद को परिवार और अपने करीबी लोगों के लिए समर्पित कर दिया. मैंने नदिया बला से कहा और उन्होंने अपनी केबिन यश को दे दी ताकि वह फिल्म निर्माण के काम को बेहतर तरीके से समझ सके.