हेमंता बिस्व शर्मा ने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ, जो ब्रिटिश नागरिक हैं, पाकिस्तान की एक कंपनी में काम करती थीं और शादी के बाद भी उन्हें पाकिस्तान से तनख्वाह मिलती रही। उन्होंने इस मामले की जांच के लिए सीआईडी के विशेष डीजीपी एपी गुप्ता की अगुवाई में जांच टास्क फोर्स बनाई थी, जिसकी रिपोर्ट की तारीख दस सितंबर थी। हालांकि, हेमंता ने आठ फरवरी को रिपोर्ट सार्वजनिक की, जिसमें यह भी कहा गया कि गौरव गोगोई की पत्नी ने पाकिस्तानी अली तौकीर शेख के तहत काम किया और वह पाकिस्तानी संस्था से सैलरी प्राप्त करती थीं, जो एफसीआर नियमों का उल्लंघन है। उनके अनुसार, 2014 में एक गोपनीय रिपोर्ट पाकिस्तान को भेजी गई थी और केंद्र सरकार के बजाय राज्यों के साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए थे। गौरव गोगोई ने भारत आने के बाद भी नौ बार पाकिस्तान की यात्रा की। यह मामला राजनीतिक और कानूनी रूप से चर्चा का विषय बना हुआ है।