बेटे के साथ हुई आखिरी मुलाकात को याद करते हुए निलिमा थापा ने कहा, बृजेश मार्च में घर आया था. इसी महीने आने वाला था. वह हमेशा खुश रहता था. रविवार को उससे अंतिम बार बात हुई थी. सरकार हमेशा कोशिश करती है कि आतंकवाद को रोके. जवान तो कभी डरते नहीं हैं. ठीक है... ये उनकी ड्यूटी का हिस्सा है.