दिल्ली के विधानसभा अध्यक्ष ने कई बार आतिशी से कहा कि वे विधानसभा आएं और अपनी स्थिति स्पष्ट करें, लेकिन आतिशी ने उस दिन के बाद विधानसभा में कभी भी उपस्थिति नहीं दी. न तो वे सदन में आईं और न ही मीडिया के सामने. उन्हें आदेश दिया गया है कि वे भाग जाएं, और इसके बाद उन्हें झूठे मुकदमों और साजिशों के जरिए दबाने की कोशिश की जा रही है.