केजीएमयू में अवैध रूप से बनी मजारों को लेकर चर्चा और सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि इन मजारों का इस्तेमाल संदिग्ध मौलानाओं और रमीज मलिक जैसे आरोपितों के बीच बैठक और लव जिहाद जैसे मामलों के लिए किया जाता था. यह मजारें सरकारी जमीन पर बिना अनुमति के बनी हैं, जिससे सुरक्षा और अनुशासन को खतरा है. बीजेपी के नेताओं ने भी इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है. इन मजारों की संख्या काफी है और यह आसानी से संदिग्ध लोगों को अस्पताल परिसर में आने-जाने का मौका देती हैं. मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है. प्रशासन से भी इस विषय पर स्पष्ट कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है.