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धर्म

ये हैं महाराष्ट्र के 10 प्रसिद्ध मंदिर, दूर-दूर से दर्शन को आते हैं लोग

aajtak.in
  • 28 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 11:03 AM IST
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भारत के दक्षिण मध्य में स्थित महाराष्ट्र भारत का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है. महाराष्ट्र केवल सैर-सपाटे के लिए ही नहीं बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव लेने के लिए भी बेहतरीन जगह है. महाराष्ट्र में एक से एक मंदिर भी हैं जिनकी ख्याति दूर-दूर तक फैली है. दुनिया भर से श्रद्धालु इन मंदिरों में अपने इष्ट देवी-देवताओं के दर्शन के लिए आते हैं. आइए जानते हैं यहां के 10 प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में.

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सिद्धिविनायक मंदिर

महाराष्ट्र के मुंबई शहर स्थित सिद्धिविनायक मंदिर, भगवान गणेश को समर्पित है. इसकी गिनती देश के सबसे व्यस्त धार्मिक स्थलों में की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद जरूर पूरी होती है. सिद्धिविनायक मंदिर हर साल भारी दान प्राप्त करता है.

photo- maharashtratourism.gov.in

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शिरडी मंदिर

ये महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय स्थानों में से एक है और शिरडी के साईं बाबा के मंदिर के नाम से मशहूर है. इस मंदिर का निर्माण 20वीं शताब्दी में हुआ था. मान्यता है कि शिरडी के साईं बाबा यहां 16 वर्ष की आयु में आए थे और 1918 में अपनी मृत्यु तक यहीं रहे थे.


photo- maharashtratourism.gov.in

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शनि शिंगणापुर मंदिर

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित शिंगणापुर का शनि मंदिर विश्व भर में प्रसिद्ध है. यहां स्थित शनिदेव की विशाल प्रतिमा बगैर किसी छत्र या गुंबद के खुले आसमान के नीचे एक संगमरमर के चबूतरे पर विराजित है. शनि मंदिर में दर्शन करने वाला हर पुरुष श्रद्धालु आपको यहां पीताम्बरधारी ही नजर आएगा.


photo- maharashtratourism.gov.in

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हरिहरेश्वर मंदिर

यह मंदिर पश्चिमी घाट के ऊंचे पहाड़ों से घिरा हुआ है. ये मंदिर अपनी सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है. भगवान विष्णु, भगवान शिव, भगवान ब्रह्मा और मां योगेश्वरी इस मंदिर के मुख्य देवता हैं. मंदिर की पृष्ठभूमि में हरिहर पहाड़ियां हैं जो बेहद खूबसूरत हैं.


(Photo- maharashtratourism.gov.in)

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मार्लेश्वर मंदिर

महाराष्ट्र के रत्नागरी जिले में बना ये एक गुफा मंदिर है. ये मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. मान्यता है कि ये मंदिर भगवान परशुराम द्वारा बनाया गया था. इस मंदिर का शिवलिंग सांपों से घिरा हुआ है लेकिन वे किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाते.


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वज्रेश्वरी मंदिर

वज्रेश्वरी मंदिर मुम्बई से 75 किमी दूर स्थित 'वज्रेश्वरी' नामक स्थान पर है. ये मंदिर वज्रेश्वरी देवी को समर्पित है. यहां एक बड़े मंडप के आगे गर्भगृह है. जिसमें तीन देवियां विराजमान हैं. रेणुका, वज्रेश्वरी और कालिका. तीनों ही मूर्तियां संगेमरमर की बनी हुई हैं.


photo- maharashtratourism.gov.in

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परली वैजनाथ मंदिर

ये मंदिर बीड जिले में स्थित है. ये भगवान शिव का सुप्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग मंदिर है जिसमें भगवान वैजनाथ विराजते हैं. ये भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं. माना जाता है की वैजनाथ मंदिर लगभग 2000 वर्ष पुराना है, तथा इस मंदिर के निर्माण कार्य को पूरा होने में 18 वर्ष लगे थे.


photo- maharashtratourism.gov.in

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रंजनगांव महागणपति मंदिर

ये मंदिर 9वीं या 10वीं शताब्दी में पेशवों द्वारा बनवाया गया था. माधवराव पेशवा ने भगवान गणेश की मूर्ति रखने के लिए मंदिर के तहखाने में एक कमरा भी बनवाया था. इस मंदिर में सूरज की किरणें सीधी मूर्ति पर गिरती हैं जो बेहद खूबसूरत लगती हैं.



photo- maharashtratourism.gov.in

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त्रयंबकेश्वर मंदिर

नासिक में ब्रह्मगिरी पर्वत की तलहटी और गोदावरी नदी के किनारे बने त्रंबकेश्वर मंदिर भी भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक है. ये दुनिया में कुछ उन ज्योतिर्लिंगों में से एक है जिसमें भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान शिव तीनों के चेहरे हैं और उनके मुकुट कीमती पत्थरों से बने हैं जो पांडवों से संबंधित हैं.


photo- maharashtratourism.gov.in

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ज्योतिबा मंदिर

ये मंदिर कोल्हापुर में स्थित है. ज्योतिबा को भगवान केदारनाथ का अवतार माना जाता है. इस मंदिर का धार्मिक महत्व तो है ही, यहां की सुंदरता भी देखने लायक है. इसी जगह पर त्रिदेवों यानी कि ब्रह्मा, विष्‍णु और महेश ने मिलकर राक्षस रतनासुर का अंत किया था.


photo- maharashtratourism.gov.in

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