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धर्म

सिंगिंग छोड़ 22 साल में संन्यासी बन गई अमीर कारोबारी की बेटी

प्रज्ञा बाजपेयी/गोपी घांघर
  • 30 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 10:31 AM IST
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सूरत के कपड़ा कारोबारी की सिंगर बेटी मानवी जैन अब संन्यासी बन गई है, कभी फ़ोटोग्राफ़ी, मॉडलिंग और महंगे ब्रांडेड कपड़ों की शौकीन रही मानवी अब सभी सांसारिक सुखों का त्याग कर संयम की राह पर चल पड़ी है.

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सूरत के कपड़ा कारोबारी की 22 वर्षीय बेटी मानवी जैन ने सोमवार की सुबह सांसारिक सुखों का त्याग कर दीक्षा ग्रहण कर ली. दीक्षा ग्रहण करने के लिए वह अपने घर से सज धज कर कार में सवार होकर निकल पड़ी थी. दीक्षार्थी मानवी जैन की कार चल रही थी तो उसके आगे ढोल नगाड़े बज रहे थे और लोग भी साथ में चल रहे थे. दीक्षार्थी मानवी जैन जिस कार में सवार थीं, उसमें उनके साथ माता पिता भी सवार थे.

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जैन धर्म गुरुओं के सानिध्य में दीक्षा दिए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई, सांसारिक बंधनों से मुक्त होने की खुशी दीक्षार्थी मानवी जैन के चेहरे पर साफ देखी जा सकती थी, वो खुशी-खुशी सांसारिक वस्त्रों में दीक्षा देने की प्रक्रिया को किए जा रही थी, दीक्षा समारोह में जैन मुनि भगवंतों के अलावा जैन साध्वी भी बड़ी तादाद में उपस्थित थीं.

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बेटी दीक्षा ले रही थी तो माता पिता की आंखें नम थीं, कभी ब्रांडेड कपड़ों और महंगी चीजों की शौकीन रहीं मानवी जैन ने अब संन्यास धारण कर लिया है और संयम के मार्ग पर चल पड़ी है. बीकॉम तक पढ़ाई करने के बाद दीक्षा ग्रहण करने वाली मानवी जैन के पिता अतुल भाई जैन बेटी के संयम मार्ग चुनने से बेहद खुश हैं.

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अपनी आवाज के दम पर कभी बॉलीबुड में प्लेबैक सिंगर बनने का सपना संजोने वाली मानवी जैन दीक्षा ग्रहण कर संन्यासी बन चुकी है. अब संसार की किसी भी सुख सुविधाओं या रिश्तों से उनका कोई संबंध नहीं रहा है.

दीक्षा लेने के बाद मानवी जैन को नया नाम योगरुचि रेखासिद्धी दिया गया है, अब वो इसी नाम से पहचानी जाएंगी, सांसारिक बंधनों से मुक्ति लेकर सोमवार की सुबह आचार्य भगवंत गुणरत्न सूरिश्वरजी महाराज साहेब द्वारा रजोहरण प्रदान किया गया, मानवी जैन को दीक्षा देने वाले आचार्य भगवंत गुणरत्न सूरिश्वरजी महाराज साहेब जैन समाज में को दीक्षा दानेश्वरी के नाम से पहचाना जाता है जिन्होंने मानवी जैन को 410 वीं दीक्षा प्रदान की थी, दीक्षा लेने वाली मानवी जैन को बचपन से जानने वाले रितेश जैन ने बताया कि मानवी के पास सबकुछ था, फिर भी दीक्षा ली है. 

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सूरत में कई समृद्ध परिवारों के बच्चे संन्यास की तरफ रुख कर रहे हैं. इससे पहले सूरत के हीरा कारोबारी हितेश मेहता की सबसे छोटी बेटी वैश्वी ने संन्यास की दीक्षा ले ली थी.

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