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धर्म

सावन में सोमवार को ही क्यों रखा जाता है व्रत, जानें उपवास के लाभ

aajtak.in
  • 19 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 7:56 AM IST
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चंद्रमा का दूसरा नाम सोम है. जिसे भगवान शिव ने अपने मस्तक पर स्थान दिया है. यही वजह है कि सोमवार को भोलेबाबा की दिन माना जाता है. आइए जानते हैं सोमवार के दिन शिव आराधना से जुड़ी ऐसी ही कुछ और धार्मिक मान्यताएं.

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सोम का तीसरा अर्थ है सोमरस. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमरस का सेवन देवता किया करते थे. जिसका पान करने से उन्हें आरोग्य की प्राप्ति होती थी. जिस प्रकार सोमरस को अमृत के समान समझा जाता है ठीक उसी तरह शिव मनुष्यों के लिए कल्याणकारी बने रहे इसलिए सोमवार को महादेव की उपासना की जाती है.

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सोम का चौथा अर्थ चंद्रमा होता है. जो हर व्यक्ति के मन का प्रतीक माना जाता है. जिसे भगवान शिव ने अपने मस्तक पर स्थान दिया है. हर मनुष्य के मन की चेतनता और चंचलता को पकड़कर भगवान शिव ने अपने वश में कर रखा है. भक्त अपनी भक्ती से भोलेबाबा को प्रसन्न करके उस परमात्मा तक पहुंच सकें इसलिए महादेव की उपासना सोमवार को की जाती है.

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भगवान शिव को प्रसन्न् करने के लिए ऐसे करें पूजा-
सावन का सोमवार आने पर शिवलिंग में बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल, दूध, सफेद चंदन, अक्षत् आदि अर्पित करें. कहा जाता है कि इस दिन बेलपत्र पर सफेद चंदन से राम-राम लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं.

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सावन सोमवार व्रत के लाभ-
-सावन के सोमवार का व्रत वैवाहिक जीवन में चल रही परेशानियों को दूर करने के लिए भी रखा जाता है.
-कुंवारी लड़कियां मनचाहा वर पाने के लिए भी सोमवार का व्रत रखती हैं.
-सोमवार का व्रत करने से व्यक्ति को अकाल मृत्यु और दुर्घटना से मुक्ति मिलती है.

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सावन सोमवार व्रत के लाभ-
-इस व्रत को करने से रोगी व्यक्ति को निरोग काया का वरदान मिलता है.
-संतान सुख की चाह रखने वाले व्यक्ति को सावन में रोजाना शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाना चाहिए. ऐसा करने से संतान सुख का योग प्रबल बनता है.

नोट-इस खबर में दी गई सारी जानकारी धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है.

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