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धर्म

यहां नागपंचमी पर लोग एक-दूसरे पर बरसाते हैं पत्थर

प्रज्ञा बाजपेयी
  • 14 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 2:02 PM IST
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हमारे देश में हर त्योहार अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है. देश भर में नागपंचमी के त्योहार पर नाग देवता की पूजा की जाती है लेकिन एक जगह ऐसी है जहां पर नागपंचमी बिल्कुल अलग अंदाज में मनाई जाती है. (photo credit-gettyimages)

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पूर्वांचल के चंदौली जिले के गांव में नागपंचमी पर एक-दूसरे को कंकड़ पत्थर मारने की परंपरा है. इस दिन लोग एक-दूसरे पर कीचड़ भी फेंकते हैं. मान्यता है कि इससे गांव में कोई भी अनिष्ट नहीं होगा. (photo credit-gettyimages)

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महुआरी व विशुपुर गांव में लोग नागपंचमी की शाम को गंगा नदी के तट पर पहुंचकर एक-दूसरे पर कंकड़-पत्थर बरसाते हैं. (photo credit-gettyimages)

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यहां के लोग नागपंचमी पर एक-दूसरे को अपशब्द बोलते हैं और फिर एक-दूसरे को गले भी लगाते हैं. लोगों का मानना है कि इस परंपरा के निर्वहन से उनके गांव में खुशहाली बनी रहेगी. (photo credit-gettyimages)

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कंकड़-पत्थर मारने और कीचड़ फेंकने को आपसी भाईचारे के तौर पर देखा जाता है. (photo credit-gettyimages)

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इन गांव में यह पुरानी परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है हालंकि कुछ लोग इसे अंधविश्वास कहकर इसकी आलोचना करते हैं. (photo credit-gettyimages)

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इस बार 15 अगस्त को नागपंचमी मनाई जा रही है. स्कन्द पुराण के अनुसार इस दिन नागों की पूजा करने से सारी मनोकामनाए पूर्ण होती हैं. (photo credit-gettyimages)

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