Advertisement

धर्म

लक्ष्मण झूला से जुड़ी 5 रोचक बातें, यकीनन नहीं जानते होंगे आप

सुमित कुमार/aajtak.in
  • 14 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 9:11 AM IST
  • 1/6

उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी पर बने करीब 89 साल पुराने लक्ष्मण झूला पुल को बंद कर दिया गया है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे बंद करने का फैसला लिया गया है. आइए आपको इस पुल से जुड़ी कुछ खास और बेहद दिलचस्प जानकारियों से रू-ब-रू करवाते हैं.

  • 2/6

कैसे बना था पुल-
1923 में इस पुल की नींव बिटिश सरकार के कार्यकाल के दौरान पड़ी थी, लेकिन तेज बाढ़ के चलत साल 1924 में इसकी नींव ढह गई थी. इसके बाद 1927 में एक बार फिर इसकी नींव रखी गई और तीन साल बाद 11 अप्रैल 1930 में यह पुल बनकर तैयार हो गया था.

  • 3/6

जूट की रस्सी से बना पुल-
गंगा नदी के ऊपर बना यह पुल 450 फीट लम्बा झूलता हुआ पुल है. शुरू में जूट के रस्सों से बना था, लेकिन बाद में इसे लोहे की तारों से मजबूत बनाया गया.

Advertisement
  • 4/6

लक्ष्मण झूला क्यों पड़ा नाम?-
हिंदू पौराणिक कथा के अनुसार भगवान श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण ने इसी स्थान पर जूट की रस्सियों के सहारे गंगा नदी को पार किया था. इसी वजह से इस पुल का नाम लक्ष्मण झूला पड़ा था. पुल के पश्चिमी किनारे पर लक्ष्मण जी का मंदिर भी है.

  • 5/6

अंग्रजों से पहले इन्होंने बनवाया था यहां पुल-
ऐसा बताया जाता है कि इस पुल का निर्माण ब्रिटिश सरकार की देख-रेख में हुआ था, लेकिन अंग्रजों से पहले स्वामी विशुदानंद की प्रेरणा से कलकत्ता के सेठ सूरजमल ने यहां 1889 में लोहे की तारों से एक मजबूत पुल बनवाया था. यह पुल 1924 में बाढ़ में बह गया था, इसके बाद ब्रिटिश सरकार ने नए सिरे से इसका निर्माण करवाया.

  • 6/6

राम झूला का इतिहास-
ऋषिकेश में ही रामझूला नाम का एक और पुल है जिसकी लंबई 750 फी है. इस पुल का इतिहास बहुत पुराना नहीं है. इसका निर्माण साल 1983 में हुआ था.

Advertisement
Advertisement
Advertisement