हिंदू धर्म में वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है. हिंदू मान्यता के अनुसार हर शुभ काम के लिए इस तिथि को बेहद शुभ माना जाता है. अक्षय तृतीया का मतलब ऐसी तिथि है, जिसका कभी भी क्षय (जो कभी खत्म ) नहीं होती है. इस साल अक्षय तृतीया 7 मई को मनाई जाएगी. ऐसे में आइए जानते हैं ऐसी कौन सी वो गलतियां हैं जिसे इस दिन करने से मां लक्ष्मी आपसे नाराज हो सकती हैं.
अक्षय तृतीया के दिन दान का विशेष महत्व बताया जाता है. कहा जाता है कि इस दिन दान देने वाले व्यक्ति को दान देने वाली वस्तु का विशेष ध्यान रखना चाहिए. ऐसा न करने पर साधक को शुभ फल मिलने की जगह अशुभ फल मिलने लगता है. इस दिन को लेकर ऐसी मान्यता है कि इस दिन जरूरतमंद व्यक्ति को दान और भोजन कराने से व्यक्ति को शुभ फल मिलता है. आइए जानते हैं ऐसी कौन सी बाते हैं जिन्हें इस दिन करने से मां लक्ष्मी आप पर प्रसन्न हो सकती हैं.
क्रोध न करें-
अक्षय तृतीया के दिन किसी के प्रति अपने दिल में क्रोध का भाव न रखें. अगर इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की आराधना करने के बाद कोई व्यक्ति अपने मन में दूसरों के लिए बुरे भाव रखता है, तो मां लक्ष्मी उसके पास कभी नही ठहरतीं.
खाली हाथ घर न जाएं-
अक्षय तृतीया के दिन शुभ फल प्राप्त करने के लिए सोने से बनी कोई वस्तु जरूर खरीदें. इस दिन घर खाली हाथ लौटना शुभ नहीं माना जाता है. यदि सोना खरीदना संभव न हो तो आप क्षमतानुसार किसी अन्य धातु से बनी अपनी जरूरत का सामान भी खरीद सकते हैं.
पूजा में तुल उसी कापयोग-
अक्षय तृतीया के दिन लक्ष्मी पूजन के साथ भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष महत्व होता है. भगवान विष्णु की पूजा में प्रसाद में तुलसी का उपयोग किया जाता है. ध्यान रखें कि प्रसाद में चढ़ाने के लिए तुलसी दल स्नान करके साफ कपड़े पहनने के बाद ही तोड़ना चाहिए. अन्यथा व्यक्ति को शुभ फल की जगह अशुभ फल की प्राप्ति हो सकती है.
विष्णु-लक्ष्मी की एकसाथ करें पूजा-
समृद्धि और सौभाग्य की इच्छा रखने वाले साधकों को अक्षय तृतीया के दिन भूलकर भी भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की अलग-अलग पूजा नहीं करनी चाहिेए. ऐसा इसलिए मां लक्ष्मी भगवान विष्णु पति-पत्नी हैं. इस अवसर पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की एक साथ पूजा करने पर ही अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.
पूजा और सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त-
तिथि- 7 मई 2019, मंगलवार के दिन अक्षय तृतीया मनाई जाएगी.
पूजा का शुभ मुहूर्त- सुबह 5.40 बजे से दोपहर 12.17 बजे तक.
सोना खरीदने का मुहूर्त- सुबह 6.26 बजे से लेकर रात 11.47 बजे तक.