हिन्दू पंचांग के अनुसार 30 मई को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी मनाई जाएगी. इसे अपरा और अचला एकादशी कहा जाता है. हिंदू धर्म में व्रतों में प्रमुख व्रत नवरात्रि, पूर्णिमा, अमावस्या तथा एकादशी को ही माना जाता है. बात अगर इन सभी व्रतों की करें तो इनमें भी सबसे बड़ा व्रत एकादशी का ही माना जाता है.
चन्द्रमा की स्थिति के कारण व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक स्थिति खराब और
अच्छी होती है. ऐसी दशा में एकादशी व्रत से चन्द्रमा के हर खराब प्रभाव को
रोका जा सकता है. यहां तक कि ग्रहों के असर को भी काफी हद तक कम किया जा
सकता है.बता दें, एकादशी व्रत का सीधा प्रभाव मन और शरीर दोनों पर ही पड़ता
है. परन्तु एकादशी का लाभ तभी हो सकता है जब इसके सभी नियमों का पालन सही
तरीके से किया जाए.
क्या है अचला (अपरा) एकादशी का महत्व-
- वैसे तो एकादशी मन और शरीर को एकाग्र कर देती है
- परन्तु अलग अलग एकादशियाँ विशेष प्रभाव भी उत्पन्न करती हैं
- ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी को अचला या अपरा एकादशी कहा जाता है
- इसका पालन करने से व्यक्ति की गलतियों की क्षमा मिलती है, ख़ास तौर से झूठ बोलने के पाप से और पाखण्ड से
क्या है अचला (अपरा) एकादशी का महत्व-
- इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति का नाम यश बढ़ता है
- इसके प्रभाव से व्यक्ति के पितरों की आत्मा को शांति मिलती है
- यह व्रत व्यक्ति के संस्कारों को शुद्ध कर देता है
- इस बार अचला एकादशी 30 मई को है
अपरा एकादशी तिथि और शुभ मुहूर्त-
एकादशी तिथि प्रारंभ: 29 मई 2019 को दोपहर 03 बजकर 21 मिनट
एकादशी तिथि सामाप्त: 30 मई 2019 को शाम 04 बजकर 38 मिनट तक
पारण का समय: 31 मई 2019 को सुबह 05 बजकर 45 मिनट से 08 बजकर 25 मिनट
क्या है व्रत को रखने के नियम ?
- यह व्रत दो प्रकार से रखा जाता है-निर्जल व्रत और फलाहारी या जलीय व्रत.
- सामान्यतः निर्जल व्रत पूर्ण रूप से स्वस्थ्य व्यक्ति को ही रखना चाहिए.
- सामान्य लोगों को फलाहारी या जलीय उपवास रखना चाहिए.
- इस व्रत में भगवान त्रिविक्रम की पूजा की जाती है.
- इस व्रत में फल और जल का भोग लगाया जाता है.
- बेहतर होगा कि इस दिन केवल जल और फल का ही सेवन किया जाए.
इस दिन क्या करने से बचना चाहिए-
- तामसिक आहार व्यवहार तथा विचार से दूर रहें.
- अपने दिन की शुरुआत भगवान कृष्ण की उपासना करके करें.
- मन को ज्यादा से ज्यादा ईश्वर में लगाए रखने का प्रयास करें.
-अगर स्वास्थ्य ठीक नहीं है तो उपवास न रखएं,केवल प्रक्रियाओं का पालन करें.