Vastu Tips: पूर्व या दक्षिण? किस दिशा का घर देता है सफलता और तरक्की, जानें इससे जुड़े वास्तु टिप्स

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की दिशा, सूर्य का प्रकाश और दीवारों के रंग जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं. पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण दिशा के मकान में अलग-अलग सावधानियां जरूरी मानी गई हैं. जानें किस दिशा का घर आपके लिए शुभ है, सूर्य प्रकाश की कमी से क्या असर होता है और किन आसान उपायों से नकारात्मकता दूर की जा सकती है.

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वास्तु शास्त्र के अनुसार घर इस दिशा में बनाना होता है सबसे शुभ (Photo: ITG) वास्तु शास्त्र के अनुसार घर इस दिशा में बनाना होता है सबसे शुभ (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:00 PM IST

Vastu Tips For Home: दुनिया की हर चीज के अंदर तरंग पाई जाती है. मकान, जमीन, यहां तक की कपड़ों में भी तरंगें होती हैं. ये तरंगें शुभता और अशुभता भी पैदा करती हैं. अशुभता ज्यादा होने पर मकान में रहने पर समस्या पैदा होती है और कुंडली के शुभ योग भी काम करना बंद कर देते हैं. ये अशुभता कुंडली के माध्यम से भी जानी जा सकती है. तो आइए जानते हैं मकान की शुभ और अशुभ दिशा कौन सी है. 

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दिशाओं से जानें मकान शुभ है या अशुभ

वास्तु शास्त्र के अनुसार, पूर्व और उत्तर दिशा के मकान सबसे ज्यादा शुभ माने जाते हैं. पश्चिम और दक्षिण दिशालके मकान शुभ नहीं माने जाते हैं. लेकिन, वास्तव में हर दिशा के मकान अपनी अपनी जगह पर शुभ होते हैं. तो आइए अब जानते हैं कि किस दिशा में क्या सावधानियां रखनी होंगी. 

1. अगर पूर्व दिशा का मकान  है तो पूर्ण रूप से सात्विक रहें. 

2. पश्चिम दिशा का मकान है तो उस घर में लकड़ी का प्रयोग कम करें. 

3. उत्तर दिशा का मकान है तो बिजली के उपकरणों पर विशेष ध्यान दें. 

4. दक्षिण दिशा का मकान है तो उसमें सीलन और गंदगी का विशेष ध्यान रखें. 

कैसे आती है सूर्य के प्रकाश की कमी से अशभुता?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, सूर्य का प्रकाश घर में ना आने पर अकारण बीमारियां पैदा होती हैं. बच्चों के भविष्य और स्वास्थ्य बिगड़ने की संभावना ज्यादा होती है. ऐसे घरों में रहने पर व्यक्ति नशे और अवसाद का शिकार हो जाता है. ऐसे घरों में रहने पर भय और नकारात्मकता का अनुभव भी होता है. इसलिए, घर में शीशे की सहायता से सूर्य के प्रकाश की व्यवस्था करें. रोज सुबह गायत्री मंत्र का 108 बार उच्चारण करें. 

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घर के रंगों से कैसे पैदा होती है अशुभता?

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में गलत रंगों का प्रयोग किस्मत को खराब कर सकता है. रंगों का संतुलन ठीक ना हो तो व्यक्ति की सोच खराब हो जाती है. गाढ़े रंगों का प्रयोग जीवन में संघर्ष बढ़ा देता है. भूरा, लाल और गाढ़ा हरा रंग नौकरी में समस्याएं बढ़ा देता है. इनमें भी भूरा रंग दरिद्रता की ओर ले जाता है. 

इसलिए, घर में हल्के और चमकदार रंगों का प्रयोग करें. छत का रंग हमेशा ही सफेद रखें तो अच्छा हो होगा. कोशिश करें कि घर में ज्यादातर सफेद या हल्के पीले रंग का प्रयोग करें. 

घर में लोगों से कैसे पैदा होती है अशुभता?

घर में अगर गलत स्वभाव या गलत आदत के लोग हों या अगर घर में रहने वाले लोग एक दूसरे के विरुद्ध षडयंत्र करते हों और अगर घर में गलत तरीके से अर्जित धन का प्रयोग होता हो तो भी ऐसा करने से अशुभ का प्रवेश होता है. 

इसलिए, घर के लोगों को आपस में षडयंत्र और राजनीति से बचना चाहिए. जहां तक हो सके गलत तरीके से घर अर्जित न करें. एक महीने तक दोनों समय घर में भगवद्गीता का पाठ करें. 

क्या दक्षिण दिशा के मकाम अशुभ होते हैं?

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वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिण दिशा मंगल ग्रह की दिशा होती है. मंगल यहां बहुत ताकतवर होते हैं. जिनकी कुंडली में मंगल अच्छा नहीं है, उनको ऐसे मकान में दिक्कत होगी. अगर मंगल बहुत अच्छा है तो ऐसे में दक्षिण दिशा के मकान में रह सकते हैं. 

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