Kaal Bhairav Upay: काल भैरव जयंती के दिन करें ये खास उपाय, दूर होंगी जीवन की हर रुकावट

Kaal Bhairav Upay: पुराणों के अनुसार, भगवान काल भैरव भगवान शिव का ही एक रूप हैं, जो समय (काल) के अधिपति माने जाते हैं.वे धर्म की रक्षा करते हैं और अधर्म का नाश करते हैं. माना जाता है कि जब ब्रह्मा जी ने अहंकारवश भगवान शिव का अपमान किया था, तब भगवान शिव के क्रोध से काल भैरव प्रकट हुए थे.

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भगवान काल भैरव भगवान शिव का ही एक रूप हैं. भगवान काल भैरव भगवान शिव का ही एक रूप हैं.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 11:25 AM IST

Kaal Bhairav Jayanti 2025 Ke Upay: मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को काल भैरव जयंती मनाई जाती है. इसे भैरव अष्टमी या कालाष्टमी भी कहा जाता है. यह दिन भगवान शिव के एक उग्र और रक्षक रूप भगवान काल भैरव को समर्पित होता है. कहा जाता है कि यह तिथि बहुत पवित्र और शक्तिशाली होती है. इस दिन भगवान काल भैरव की पूजा होती है. ऐसा माना जाता है कि भगवान काल भैरव की पूजा करने से व्यक्ति को नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है. भय और चिंताओं से राहत मिलती है. जीवन के दुखों और पापों से छुटकारा मिलता है. इस दिन पूजा के साथ कुछ विशेष उपाय और दान-पुण्य के कार्य भी किए जाते हैं.  

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कब है कालभैरव जयंती? 

पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 11 नवंबर 2025, मंगलवार को सुबह 11 बजकर 08 मिनट पर हो रही है,  यह तिथि 12 नवंबर 2025, बुधवार को सुबह 10 बजकर 58 मिनट पर समाप्त होगी. चूंकि धार्मिक मान्यताओं में उदयातिथि (सूर्योदय के समय विद्यमान तिथि) को प्रमुख माना जाता है, इसलिए काल भैरव जयंती का पर्व 12 नवंबर, बुधवार के दिन मनाया जाएगा. 

काल भैरव जयंती पर करें ये खास उपाय

मीठे भोग का अर्पण करें
पूजा के बाद भगवान काल भैरव को मीठी रोटी, नारियल या जलेबी का भोग लगाना शुभ माना जाता है. इससे भगवान प्रसन्न होकर अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं. 

सरसों के तेल का दीपक जलाएं
भगवान काल भैरव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए. यह दीपक नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है .

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भैरव चालीसा या भैरव अष्टक का पाठ करें
इस दिन भैरव चालीसा या भैरव अष्टक का पाठ अवश्य करना चाहिए. ऐसा करने से भय, रोग और बाधाएं दूर होती हैं . जीवन में शांति और आत्मबल बढ़ता है. 

काले धागे का उपाय
पूजा के समय भगवान काल भैरव के चरणों में काले रंग का धागा चढ़ाएं.  इसके बाद इस मंत्र का जप करें. "ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ" मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से जीवन के सभी प्रकार के दुख और संकट दूर होते हैं. 

कुत्तों को भोजन कराएं
भगवान काल भैरव का वाहन काला कुत्ता है. इसलिए इस दिन काले कुत्ते को रोटी या दूध खिलाना बहुत शुभ माना जाता है.  इससे भगवान काल भैरव अत्यंत प्रसन्न होते हैं.  पनी दया दृष्टि बनाए रखते हैं. 

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